New Delhi/Alive News : इस्लामिक धर्म प्रचारक जाकिर नाइक के एनजीओ इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन (IRF) राजीव गांधी चैरिटेबल ट्रस्ट को कुल 75 लाख का डोनेशन देना चाहता था. इसमें से 50 लाख पहले दे दिए गए थे, बाद में 25 लाख का डोनेशन देने का प्लान था. एनआईए को मिले कुछ डॉक्यूमेंट्स से ये बात सामने आई है. बांग्लादेश में हुए आतंकी हमले के बाद जाकिर नाइक का ये एनजीओ विवादों में है. गृह मंत्रालय के आदेश पर आईआरएफ पर 5 साल का बैन भी लगाया जा चुका है.

कब दिया गया था डोनेशन?
राजीव गांधी चैरिटेबल ट्रस्ट (RGCT) को इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन ने दिसंबर 2011 में पहले 50 लाख से ज्यादा का डोनेशन दिया था. इसके एक महीने बाद दूसरे डोनेशन के रूप में 25 लाख रुपये अस्पताल के जरिए देने की योजना थी. डोनेशन के ये डॉक्यूमेंट्स एनआईए टीम के हाथ तब लगे, जब जाकिर नाइक के घर और एनजीओ में छापा मारा गया.

फाउंडेशन के रिजॉल्यूशन में है डोनेशन का जिक्र
इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन के रिजॉल्यूशन में इस डोनेशन का जिक्र है. जून-जुलाई और नवंबर 2011 में पास किए गए रिजॉल्यूशन के मुताबिक, राजीव गांधी चैरिटेबल ट्रस्ट के एप्लिकेशन के आधार पर एक बार 50 लाख का और दूसरी बार 25 लाख का डोनेशन देने की पेशकश की गई थी. बता दें, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और पार्टी के उपाध्यक्ष राहुल गांधी इस ट्रस्ट के बोर्ड ऑफ मेंबर्स हैं.

राजीव गांधी ट्रस्ट ने कहा- लौटा दिया पैसा
वहीं, राजीव गांधी फाउंडेशन (RGF) ने इस मामले में कहा कि जो पैसा उनके साथी संगठन राजीव गांधी चैरीटेबल ट्रस्ट (RGCT) को दिया गया था. उसे कुछ महीने पहले ही लौटा भी दिया गया था. वहीं, आईआरएफ का कहना है कि उन्हें पैसे अबतक वापस भी नहीं मिले हैं.

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