फिल्म अभिनेता ने डॉयलागों से किया लोगों को सराबोर

फरीदाबाद : अध्यापक देश की दिशा और दशा बदल सकता है, बिना शिक्षक के शिक्षा अधूरी है और बिना शिक्षा के किसी भी समाज और देश की उन्नति की कल्पना नहीं की जा सकती। यह बात फिल्म अभिनेता चंद्रचूड ने एसजीएम नगर स्थित स्नेह विद्या निकेतन सीनियर सैकेंडरी स्कूल के वार्षिकोत्सव में प्रतिभावान विद्यार्थियों को पुरस्कार वितरित करते हुए कही।

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उन्होंने कहा कि विद्यार्थी सफलता की बुलंदियों को तभी छू सकता है जब वह अपने गुरूजनों की आज्ञा का पालन करते हुए उनका आदर करे। चंद्रचूड ने कहा कि फिल्म इंडस्ट्री में जाने से पूर्व वे भी एक यूजिक टीचर थे। एक टीचर को किन परिस्थितियों से गुजरना पडता है इससे वह भलिभांति परिचित है। लेकिन शिक्षक का मकसद यही होता है कि उसका शिष्य ऊंचे से ऊंचे शिखर पर पहुंचे इससे स्कूल समाज और गुरू का सिर गर्व से ऊंचा हो।

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उन्होंने अध्यापकों का आह्वान किया कि बच्चे हमारे देश का भविष्य है अध्यापक अपनी जि मेदारी को समझे। किताबी ज्ञान के अलावा उनमें नैतिक गुणों का समावेश करवाएं, क्योंकि वर्तमान परिवेश में विद्यार्थियों से नैतिकता दूर जाती हुई दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि वे ऐसी प्रतिभाओं को भी खोजने का प्रयास करें जो उन क्षेत्रों में जाकर अपना जौहर दिखा सके जिससे समाज की उन्नति की राह खुलेगी।

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इस अवसर पर फिल्म अभिनेता चंद्रचूड ने अपनी प्रसिद्ध फिल्मों के डायलागों से लोगों को गुदगुदाया वहीं अपनी फिल्मों की गीत भी गुनगुनाए। प्रिंसीपल सुजाता पांडे ने स्कूल की प्रगति रिपोर्ट पढ़ी। डायरेक्टर वीरेंद्र चंदीला ने कहा कि उनका मकसद शिक्षा के अलावा अन्य क्षेत्रों में प्रतिभाओं को खोजना है जिसमें खेल, संगीत, वाद विवाद सहित अनेक विद्याए शामिल है। प्रबंधक अखिल कुमार ने अतिथियों का स्वागत किया इससे पूर्व स्कूल के छात्र-छात्राओं ने देशभक्ति से ओतप्रोत रंगारंग कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए।

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