नोटबंदी को एक महीना पूरा, नहीं सुधरे हालात

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New Delhi/Alive News : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 8 नवंबर को 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों को बैन करने के फैसले का एक महीना पूरा होने के बावजूद आम लोगों को कैश कमी की समस्या से राहत मिलती नजर नहीं आ रही है। अभी भी एटीएम के बाहर और बैंकों में लंबी-लंबी कतारें लग रही हैं और लोगों को कैश नहीं मिल पा रहा है। करंसी की कमी सिर्फ बैंकों में ही नहीं बल्कि पोस्ट ऑफिसों में भी है। नोटबंदी के फैसले से किसान और ग्रामीण इलाकों में लोग काफी परेशान हो रहे हैं। कैश की कमी के कारण किसानों की फसल नहीं बिक पा रही है और वे बीज और खाद नहीं खरीद पा रहे हैं। उधर, 8 नवंबर के बाद आरबीआई ने फाइनैंशनल सिस्टम में 1,900 करोड़ से ज्यादा करंसी नोट डाले हैं। इस बीच रद्द किए जा चुके 500 और 1000 के 11.5 लाख करोड़ रुपये के नोट बैंकों में आ चुके हैं।

पोस्ट ऑफिसों में भी कैश नहीं
नोटबंदी के फैसले के बाद सिर्फ बैंक ही कैश कमी की समस्या से नहीं जूझ रहे हैं बल्कि पोस्ट ऑफिस भी परेशान हैं। उन्हें जितने कैश की जरूरत है, उसका सिर्फ 30-35 प्रतिशत ही उन्‍हें मिल पा रहा है। पोस्टल डिपार्टमेंट ने वित्त मंत्रालय के साथ जो हालिया अनुमान साझा किया है, उसके मुताबिक, देशभर के पोस्ट ऑफिसों को 700 करोड़ रुपये कैश की जरूरत है लेकिन उन्‍हें सिर्फ 300-350 करोड़ रुपये ही मिल पाएं हैं। उधर, केंद्र ने पोस्ट डिपार्टमेंट के तहत सभी सर्कल्‍स को निर्देश दिया है कि पोस्ट ऑफिसों के पास जितना कैश उपलब्‍ध है, उसका 40 प्रतिशत उन यूनिटों को भेजा जाए जो ग्रामीण इलाकों में हैं।

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