गुजरात विधानसभा में राज्य सभा की तीन सीटों के लिए मंगलवार को मतदान है लेकिन कांग्रेस विधायकों के बारे में अटकलें हैं कि वे क्रॉस वोटिंग कर सकते हैं

गुजरात में कांग्रेस के लिए आज सोमवार की रात और कल यानी मंगलवार का दिन काफी अहम हाे गया है. पार्टी के जिन 44 विधायकों को कथित ख़रीद-फ़रोख़्त से बचाने के लिए अब तक कर्नाटक के वरिष्ठ मंत्री डीके शिवकुमार के बेंगलुरू स्थित ईगलटन रिजॉर्ट में ठहराया गया था उन्हें गुजरात ले आया गया है. हालांकि अब भी ये सभी विधायक हैं एक रिजॉर्ट में ही जो आणंद में स्थित है.

द इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक गुजरात में कांग्रेस के मुख्य सचेतक शैलेष परमार ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया है, ‘हमारे सभी विधायक लौट आए हैं.सभी विधायकों ने तय किया है कि वे रक्षाबंधन (सोमवार को) के दिन भी अपने घर नहीं जाएंगे. वे सब राज्य सभा चुनाव में मतदान के लिए मंगलवार को यहां से सीधे विधानसभा पहुंचेंगे.’ ग़ौरतलब है कि प्रदेश की कुल 11 राज्य सभा सीटों में से तीन 18 अगस्त को खाली हो रही हैं. इनमें दो सीटें भाजपा (स्मृति ईरानी और दिलीप भाई पंड्या) और एक कांग्रेस (अहमद पटेल) की है.

इन सीटों पर भाजपा ने अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को उम्मीदवार बनाया है. जबकि कांग्रेस ने अहमद पटेल को ही. लेकिन भाजपा ने बीते महीने ही कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुए बलवंत सिंह राजपूत को उम्मीदवार बनाकर पटेल के लिए नई चुनौती खड़ी कर दी है. राज्य की 182 सदस्यीय विधानसभा में किसी भी उम्मीदवार को राज्य सभा चुनाव में जीतने के लिए कम से कम 44 मतों की ज़रूरत है.

हालांकि ताज़ा हाालात को देखते हुए कांग्रेस के लिए यह आंकड़ा जुटाना मुश्किल लग रहा है. क्योंकि कांग्रेस छोड़ चुके नेता शंकरसिंह वाघेला के समर्थक समझे जाने वाले छह विधायक अब तक पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हो चुके हैं. इससे सदन में कांग्रेस की सदस्य संख्या 57 से घटकर 51 रह गई है. इन्हीं में से 44 को 29 जुलाई को बेंगलुरू ले जाया गया था. लेकिन इनमें से सभी राज्य सभा चुनाव के मतदान के समय साथ रहेंगे इस पर संदेह है.

कांग्रेस के ही दो विधायक राघव जी पटेल और धर्मेंद्र सिंह जाडेजा पिछले दिनों ऐलान कर चुके हैं ‘ज़ल्द ही क़रीब 20 और विधायक पार्टी से नाता तोड़ने वाले हैं. ऐसे में राज्य सभा चुनाव में अहमद पटेल का जीतना नामुमकिन होगा. राघव जी जामनगर ग्रामीण से विधायक हैं जबकि जाडेजा जामनगर उत्तर से. लिहाज़ा राजनेताअों और राजनीति में दिलचस्पी रखने वालों की निगाहें मंगलवार को गुजरात की तरफ ही रहने वाली हैं.

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