घर लौटने को लेकर तेज प्रताप ने रखी बड़ी शर्त, अब क्या करेगा लालू परिवार?

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Bihar/Alive News : आरजेडी नेता तेज प्रताप यादव ने कहा कि वह अभी हरिद्वार में रह रहे हैं और जब तक पत्नी से तलाक के उनके फैसले का परिवार समर्थन नहीं करता है तब तक वह घर नहीं लौटेंगे।

आरजेडी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे और विधायक तेज प्रताप यादव अपनी तलाक की अर्जी देने के बाद अभी तक घर नहीं लौटे हैं। उन्होंने कहा कि वह अभी हरिद्वार में रह रहे हैं और जब तक पत्नी से तलाक के उनके फैसले का परिवार समर्थन नहीं करता है तब तक वह घर नहीं लौटेंगे।उन्होंने छोटे भाई के साथ बढ़ती नाराजगी संबंधी खबरों को खारिज करते हुए कहा, “मैं तेजस्वी को अपना आशीर्वाद देता हूं। मेरी कामना है कि वह बिहार का अगला मुख्यमंत्री बने। मैं उसकी तरफ ही रहूंगा और ठीक उसी तरह से उसकी मदद करूंगा जैसे महाभारत में कृष्ण ने अर्जुन की मदद की थी।”

इससे पहले तेज प्रताप यादव ने कहा था, “हमारे मतभेद में अब समझौते की कोई गुंजाइश नहीं है। मैंने अपने माता-पिता को शादी होने से पहले इस बारे में बताया था। लेकिन उस वक्त मेरी किसी ने नहीं सुनी और अब भी मेरी कोई नहीं सुन रहा है। जब तक वे मुझसे सहमत नहीं होते हैं तब तक मैं घर कैसे वापस आ सकता हूं।”दूसरी ओर तेज प्रताप यादव की वजह से परिवार में आए संकट के बाद से लालू यादव की तबीयत लगातार खराब है। आज लालू यादव से मिलने के लिए उनके छोटे बेटे तेजस्वी यादव रांची पहुंच रहे हैं। तेजस्वी यादव के साथ लालू यादव की बेटी और दामाद भी उनसे मिलने के लिए रिम्स जाएंगे।

बता दें कि शुक्रवार को तेज प्रताप यादव ने अपनी पत्नी और आरजेडी विधायक चंद्रिका राय की बेटी ऐश्वर्या राय से तलाक के लिए पटना के सिविल कोर्ट में अर्जी दाखिल की थी। पत्नी ऐश्वर्या से तलाक की अर्जी देने के बाद तेज प्रताप अपने पिता लालू यादव से मिलने रांची के रिम्स में गये थे। बताया जा रहा है कि लालू ने उन्हें ऐश्वर्या के साथ सामंजस्य बनाने की सलाह दी थी। परिवार के अन्य लोग भी उन्हें यही समझा रहे थे।

इससे नाराज होकर दीपावली के पहले तेजप्रताप यादव सुरक्षा कर्मियों को चकमा देकर गायब हो गये थे।गौरतलब है कि तेजप्रताप और ऐश्वर्या की इसी साल धूमधाम से शादी हुई थी। इस शादी में लालू यादव भी शामिल हुए थे। फिलहाल लालू यादव चारा घोटाला मामले में रांची की जेल में सजा काट रहे हैं, लेकिन तेजप्रताप की शादी में शामिल होने के लिए उन्हें पैरोल पर रिहा किया गया था।

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