अब गुरुग्राम के हाईवे होंगे जलभरावमुक्त: अमित खत्री

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Gurugram/Alive News: मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा बाढ़ राहत उपायों के बारे में वीरवार को की गई समीक्षा बैठक के बाद गुरूग्राम जिला प्रशासन ने इस दिशा में काम करना शुरू भी कर दिया है। गुरूग्राम के उपायुक्त अमित खत्री ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण तथा गुरूग्राम महानगर विकास प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ बैठक करके उन्हें आवश्यक दिशा निर्देश दिए। इस बैठक में उपायुक्त खत्री ने एनएचएआई के अधिकारियों से कहा कि वे राष्ट्रीय राजमार्ग नंबर 48 (दिल्ली-जयपुर हाईवे) की सभी सरफेस की सफाई करवाना सुनिश्चित करें, जिनको वे 21 जून को स्वयं चैक करेंगे।

उन्होंने कहा कि हाईवे के ऊपर तथा आस-पास जलभराव के पिछले इतिहास को ध्यान में रखते हुए पानी खड़ा होने के संभावित इलाकों का एनएचएआई के अधिकारीगण दौरा करें और यह सुनिश्चित करें कि उन स्थानों पर अबकी बार जलभराव ना हो, इसके लिए पुख्ता इंतजाम किए जाएं। उन्होंने कहा कि गुरूग्राम में जलभराव के मामले को संबंधित विभागों के अधिकारीगण गंभीरता से लें और इसके लिए किए जा रहे कार्यों को 30 जून तक पूरा करवाना सुनिश्चित करें।

उन्होंने कहा कि शंकर चैक, सिग्नेचर टाॅवर, एंबीयंस माॅल के निकट बनाए जा रहे यू-टर्न फलाईओवर, खांडसा गांव के निकट बनी कल्वर्ट आदि क्रिटिकल स्थानों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि एंबीयंस माॅल के निकट यू-टर्न फ्लाईओवर बनाने का कार्य शुरू हो चुका है, उस क्षेत्र में जल भराव ना हो, इसके लिए समुचित प्रबंध किए जाएं।

सभी अंडरपासों पर पानी निकासी के प्रबंधों को चैक करके पहले से माॅक ड्रिल करके देख लें। इसके बाद उपायुक्त ने जीएमडीए के अधिकारियों के साथ जलभराव रोकने के लिए चैकडैम बनाने तथा रेन वाॅटर हार्वेस्टिंग प्रोजैक्टों के संचालन पर चर्चा की, जिसमें निर्णय लिया गया कि गुरूग्राम शहर में कुछ स्थानों पर चैकडैम तथा रेन वाॅटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर नगर निगम बनाएगा तथा कुछ अन्य स्थानों पर यही कार्य जीएमडीए द्वारा किया जाएगा। इनके अलावा, कुछ स्थानों पर जिला प्रशासन सीएसआर के तहत भी कंपनियों से सहयोग लेकर इस कार्य को करवाएगा।

बैठक में सुझाव दिया गया कि खुशबू चैक, सैक्टर 26 तथा डीएलएफ क्षेत्र में चैकडैम बनाने में वन विभाग का सहयोग लिया जा सकता है। मानेसर क्षेत्र के नाहरपुर, कासन व आस-पास के क्षेत्र में बरसात में होने वाले जल भराव को इस बार रोकने के लिए भी उपायुक्त ने विशेषज्ञों के साथ चर्चा की, जिसमें बताया गया कि वहां पर खाली पड़ी जमीन में बांध बनाकर पानी को रोका जा सकता है। ऐसा करते समय यह ध्यान रखा जाए कि बांध के तटबंधों में कटाव ना हो। उस क्षेत्र में रीचार्ज वैल बनाकर बरसाती पानी को जमीन में डालने की व्यवस्था करना बेहतर होगा। दूरगामी योजना के तहत इस पानी को सुल्तानपुर झील में डालने की व्यवस्था के बारे में अध्ययन करवाना उचित रहेगा।

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