आखिर, गरीबों के बच्चों पर राजनीति क्यों ?

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दोस्तों कहा जा रहें है हमारे सरकारी स्कूल…आज हरियाणा के कुछ एक गांवो के स्कूलों को छोड़कर बाकि गांव के लगभग स्कूलों में गांव के कुछ राजनीतिज्ञों के द्वारा एक श्रेष्ठ अध्यापक की बढ़ती प्रतिष्ठा को कुचलने के लिए ओछे हथकंडे अपनाए जाने लगें हैं। जो कि आने वाले समय में कर्मचारियों के लिये घातक है और ये सिर्फ वहीं लोग करते है जिन के बच्चे बड़े-बड़े प्राइवेट स्कूलों में जा रहे है और वोट बटोरने की खातिर सरकारी स्कूल को निशाना बना लिया जाता है। कभी देखा है इनको प्राइवेट स्कूलों में जाकर राजनीति करते हुए शायद नहीं। क्योंकि पहली बात वहा इनको कोई घुसने ही नहीं देता और चले भी गए तो वहाँ इनके ही बच्चों के स्कूल का माहोल खराब होगा जो ये कभी नही चाहेंगे।रोज हमें सुनने को मिलता है आज फलाने सरकारी स्कूल में छोटी सी बच्ची के साथ रेप हुआ. आज फलाने स्कूल में बच्चे को डंडो से पीटकर घायल कर दिया। जो बाद में बिल्कुल झूठा साबित होता है। तो मेरा उन सभी सरकारी स्कूलों के अभिवावकों से निवेदन है कि आप इन लोगों के कहने से जो स्कूल में आकर हंगामा करके अपने बच्चों का भविष्य खराब करने का काम कर रहे है वो ना करें। एक बात और कहना चाहूंगा कुछ लोगों का मकसद यही होता है कि सरकारी मास्टर है इसे फसाकर पैसे बटोर लिए जाए या कुछ ये भी सोचकर स्कूल में घुसते है कि सरकारी मास्टर ही तो है डर जाएगा। तो प्लीज़ ये वहम भी अपने मन से निकाल दें। वो सरकारी मास्टर सिर्फ आप की इज्जत करता है न कि वो आप से डर रहा है। अगर वो अपनी पर आ जाता है तो शायद आप बाद में पछतावा करेंगे और इन नेता लोगों से भी अपील है कि इन गरीबों के बच्चों पर राजनीति न करें।भगवान देख रहा है शायद कभी माफ न करे।

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