सीएमओ के आदेश पर हो रही है एसोसिएट प्रोफेसर की नियुक्ति : सूत्र

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महिला शोषण के आरोपी एसोसिएट प्रोफेसर की नियुक्ति पर छात्रा भड़की
Rozi Sinha/Alive News
Faridabad : हरियाणा की भाजपा सरकार एक तरफ बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओं का नारा दे रही है और दूसरी तरफ खुद सीएमओ (मुख्यमंत्री कार्यालय) महिला शोषण के आरोपी एसोसिएट प्रोफेसर की नियुक्ति फिर से कन्या महाविद्यालय में करता हैं। एसोसिएट प्रोफेसर सी.एस वशिष्ट राजकीय महिला महविद्यालय से महिला शोषण के आरोप में निलंबित रहे हैं।

एसोसिएट प्रोफेसर सी.एस वशिष्ट को उच्चतर शिक्षा विभाग ने फिर से बहाल कर दिया, इतना ही नहीं उन्हें राजकीय कन्या महाविद्यालय बल्लबगढ़ में भी नियुक्ति दी जा रही है। ऐसे में अब हरियाणा सरकार और उच्चतर शिक्षा विभाग पर सवाल उठने लगे हैं कि उच्चतर शिक्षा विभाग ने क्या सोचकर महिला शारीरिक शोषण के आरोप में लिप्त सी.एस वशिष्ठ को दोबारा से लड़कियों के कॉलेज में नियुक्ति दी गई। हालांकि मामला अभी न्यायलय में विचाराधीन है। ऐसे में भाजपा सरकार बिना न्यायलय से क्लीन चिट मिले एसोसिएट प्रोफेसर सी.एस वशिष्ट की कॉलेज में नियुक्ति कर महिला सम्मान को अघात पहुंचा रही है।

एसोसिएट प्रोफेसर की नियुक्ति पर भड़की छात्रा
-सी.एस वशिष्ठ को फिर से बहाल करने का तुक मुझे कुछ समझ नहीं आया है. अगर, उसे फिर से लड़कियों के कॉलेज में नियुक्त किया गया है तो मेरे हिसाब से वो लड़कियां भी सेफ नहीं है, क्योंकि गुनहगारों पर विश्वास नहीं कर सकते। –कोमल, छात्रा बीजेएमसी थर्ड ईयर

प्रोफेसर सीएस वशिष्ठ को इज्जत की नजरों से नहीं देखा जायेगा। सबको ऐसा लगेगा की पहले वो अपराध कर चुके है कही फिर से उसे दोहराएं ना. उनकी एक नकारात्मक छवि बन गयी है। लड़कियों में एक डर एक माहौल रहेगा।
-सोनिया, छात्रा बीजेएमसी थर्ड ईयर

मुझे समझ नहीं आता एक शोषणकर्ता पर कैसे विश्वास कर सकते है। उसे फिर से कन्या महाविद्यालय में प्रोफेसर के तौर पर नियुक्त कर देते है। ऐसे प्रोफेसर्स को किसी भी कॉलेज में पढ़ाने का अधिकार नहीं मिलना चाहिए। उनको वीआरएस दे देना चाहिए।
-ज्योति, छात्रा बीजेएमसी थर्ड ईयर

मेरे हिसाब से उसकी बहाली कर देना गलत फैसला है। गुनहगार को फिर से ट्रस्ट नहीं किया जा सकता। और जब तक मामला कोर्ट में है उनको किसी भी कालेज में बहाल नहीं करना चाहिए।
-इंद्रा , छात्रा बीजेएमसी थर्ड ईयर

क्या था मामला
आपको बता दे कि सी.एस वशिष्ठ का मामला अभी न्यायलय में विचाराधीन है। सी.एस वशिष्ठ कॉलेज से पिछले आठ महीनों से निलंबित चल रहे हैं। उसके ऊपर पर राजकीय महिला महाविद्यालय की छात्रा ने शोषण का आरोप लगाया गया था। सी.एस वशिष्ठ छात्राओं को परीक्षा में पास कराने के लिए उनका शोषण करने का आरोपित बनाया गया था। हालांकि आरोपी अभी जमानत पर बाहर है।

क्या कहना है प्रदेश भाजपा प्रवक्ता एवं हरियाणा महिला आयोग सदस्य का 
एसोसिएट प्रोफेसर सी.एस वशिष्ट की नियुक्ति को रुकवाने की पूरी कोशिश की, इस विषय में मैंने मुख्यमंत्री के सलाहकार अजय गौड़, शिक्षा मंत्री, प्रिंसिपल सेक्रेटरी एजुकेशन अंकुर गुप्ता से ऑडर रुकवाने के लिये रिक्वेस्ट की है। इससे सरकार की छवि खराब होती है। अगर, आरोपित प्रोफेसर की नियुक्ति होती है तो सरकार के स्लोगन्स बेटी बचाओं-बेटी पढ़ाओं के कोई मायने नहीं रहेंगे। यहां जिस व्यक्ति के ऊपर इतने संगीन आरोप है उस व्यक्ति को फिर से महिला कॉलेज में नियुक्त करना, इसका जनता में सरकार को लेकर गलत इम्प्रैशन जायेगा, जब तक केस चल रहा है तब तक इस प्रोफेसर को कही भी नियुक्त न किया जाए।
-रेनू भाटिया, प्रदेश भाजपा प्रवक्ता एवं सदस्य-हरियाणा महिला आयोग

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