टैंकर चालकों की मनमानी…. लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़

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स्मार्ट सिटी की सडक़ पर बह रहा सीवर का पानी, अधिकारी सुस्त

Poonam Chauhan/Alive News : नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग की नाक के नीचे शहर में खुलेआम खुली जगह पर डाला जा रहा है सीवर का गंदा पानी। एक तरफ जहां नेताओं और अधिकारियों द्वारा शहरवासियों को स्वच्छता का पाठ पढ़ाया जा रहा है, वहीं दूसरी तरह सभी अभियानों को दरकिनार कर सेप्टिक टैंक ड्राईवर सीवर के गंदे पानी को सडक़ किनारे डाल रहे है। ऐसे में कैसे शहर को स्वच्छ सर्वेक्षण 2018 में बेहतर रैकिंग मिल सकती है। स्वच्छ सर्वेक्षण में बेहतर रैकिंग पाने के लिए नगर निगम को हर पहलू पर सुधार करने की आवश्यकता है। कूडा उठाना और एक ही दिन में जहां कूडा निस्तारण अनिवार्य है, वहीं सीवर व्यवस्था पर भी ध्यान देने की आवश्यकता है।

सरकार के स्वच्छता अभियान पर जोरदार तमाचा मारने वाले सेप्टिक टैंक ड्राईवर खुले आम हार्डवेयर चौक पर बने सडक़ किनारे नाले में टैंक को खाली करके हजारों लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ कर रहे है। लेकिन इसकी भनक न तो स्वास्थ्य विभाग को ही है, न ही नगर निगम के आला अधिकारियों को। बड़े मजे की बात तो यह है कि सडक़ को लेकर अभी अधिकारी अप्रूवल लेने में लगे है और नाला सीमा विवाद में फंसा हुआ है। अभी जनता को उम्मीद छोड़ देनी चाहिए।

आलम यह है कि सेप्टिक टैंक ड्राईवर सोहना रोड़ या गोच्छी रोड़ तक जाने की जहमत नहीं उठाते है और अपने टैंक को हार्डवेयर पर ही खाली कर देते है। क्षेत्र की विधायक जहां लोगों को स्वच्छता का ज्ञान मुफ्त में बांट रही है, उन्हे अपने क्षेत्र की साफ-सफाई और सीवर व्यवस्था पर भी ध्यान देने की आवश्यकता है। क्योंकि बडख़ल क्षेत्र में टैंकर ड्राईवरों का आंतक अधिक दुखदायी है।

– सडक़ पर बह रहा सीवर का गंदा पानी
सीवर का पानी नाले में डाले जाने के कारण नाले का गंदा पानी ऑवर फ्लो होकर प्याली से हार्डवेयर को आने वाली सडक़ पर बह रहा है और लोगों को गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है। लेकिन प्रशासन और आला अधिकारी मुकदर्शक बने तमाश देख रहे है। टैंकर ड्राईवर की इस मनमानी पर लगाम लगाने वाला कोई नहीं है।

– घरो में बने हैं मैनहोल
नगर निगम क्षेत्र हो या फिर ग्रेटर फरीदाबाद आज भी यहां कई लोगों के घरों में सीवर के मैनहोल बने हुए है। ग्रेटर फरीदाबाद में यह समस्या गंभीर बनी हुई है इसके अलावा एनआईटी की कुछ कालोनियां और पल्ला, सेहतपुर, अगवानपुर, बसंतपुर और ओम इन्कलेव इसमें शामिल है। लोग यहां मैनहोलो पर भी डिपेंड है और सफाई के लिए इन टैंकरो का सहारा लेते है लेकिन यह खुले में कहीं भी गंदगी को डाल देते है जोकि लोगों के स्वास्थ्य के लिहाज से हानिकारक है।

– क्या कहते है अधिकारी
नाला हमारी डिवीजन में नहीं आता सैकेंड डिवीजन में आता है, रही बात सडक़ की तो फाईल बन चुकी है और रेट अप्रूवल में दे दी है। फाईल आते ही काम शुरू हो जाऐगा।
-दीपक कींगर, एक्सईएन, नगर निगम।

– क्या कहती हैं विधायक
सेप्टिक टैंक खाली करते हुए पकड़े गए ड्राईवर के खिलाफ उन्होंने खुद कार्यवाही करवाई है। शहर के नागरिकों की भी जिम्मेदारी बनती है कि खुले में या आबादी के बीच में सेप्टिक टैंक खाली करने वाले को रोके और न मानने पर उसके खिलाफ नगम निगम को शिकायत दें। सडक़ पर भी जल्द कार्य शुरू हो जाएगा। सभी रास्तों को बंद करने का हमारा उद्देश्य नही है अभी नीलम बाटा रोड़ का काम चल रहा है। वहां पर ट्रैफिक जाम रहता है। हम नहीं चाहते की यहां पर भी वहीं स्थिति पैदा हो।
– सीमा त्रिखा, विधायक, बडख़ल।

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