आजम परिवार रामपुर से सीतापुर जेल में शिफ्ट, 2 मार्च तक जेल में रहेगा परिवार

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Uttar Pardesh/Alive News: रामपुर से समाजवादी पार्टी (सपा) सांसद आजम खान, उनकी पत्नी और रामपुर से विधायक तंजीन फातिमा और बेटे अब्दुल्लाह आजम को सीतापुर जेल शिफ्ट में कर दिया गया है. माना जा रहा है कि सुरक्षा कारणों की वजह से आजम परिवार को शिफ्ट किया गया है. बुधवार को ही रामपुर के एडीजी कोर्ट ने आजम खान को उनकी पत्नी और बेटे को जेल भेज दिया था.

सांसद आजम खान, उनकी पत्नी तंजीन फातिमा और बेटे अब्दुल्लाह आजम को बुधवार को कोर्ट के आदेश पर जेल भेज दिया था. सभी को दो मार्च तक न्यायिक हिरासत में भेजा गया था. आजम के खिलाफ कोर्ट ने कुर्की वारंट जारी कर दिए थे. यह वारंट अब्दुल्ला आजम के दो जन्म प्रमाण पत्र बनवाने से संबंधित मुकदमे में जारी किए गए थे. बुधवार को इस मामले में आजम, उनकी पत्नी व रामपुर से विधायक तंजीन फातिमा और बेटे ने सरेंडर किया था.

कोर्ट में बढ़ाई गई थी सुरक्षा
सांसद आजम खान और उनकी विधायक पत्नी व बेटे के अदालत में सरेंडर के बाद कचहरी परिसर की सुरक्षा बढ़ा दी गई थी. जिले के सभी सपा नेता और पदाधिकारी कचहरी में जमे रहे. इस दौरान सभी गेट पर हर आने-जाने वाले की तलाशी ली गई. एमपी एमएलए स्पेशल कोर्ट ने मंगलवार को तीनों के कुर्की वारंट के साथ ही गिरफ्तारी के लिए गैर जमानती वारंट भी जारी किए थे.

पिछले साल दर्ज कराया गया था केस
यह मुकदमा भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) नेता आकाश सक्सेना ने पिछले साल दर्ज कराया था, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि अब्दुल्ला के दो जन्म प्रमाण पत्र बनवाए गए हैं. एक जन्म प्रमाण पत्र रामपुर से तो दूसरा लखनऊ से जारी किया गया है.

संपत्ति कुर्क करने का आदेश
सहायक शासकीय अधिवक्ता राम औतार सिंह सैनी ने बताया कि मुनादी के बाद भी हाजिर न होने पर कोर्ट ने सांसद आजम, विधायक डॉ. तंजीन और पुत्र अब्दुल्ला आजम की संपत्ति कुर्क करने के आदेश दिए हैं. मामला अब्दुल्ला आजम के दो जन्म प्रमाणपत्र होने का है.

मोहल्ले में कराई गई थी मुनादी
बीजेपी नेता आकाश सक्सेना ने अब्दुल्लाह के साथ ही उनके पिता आजम खान और मां तंजीन फातिमा को भी मुकदमे में नामजद किया था. आरोप लगाया गया कि इन दोनों ने जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए झूठे शपथ पत्र लगाए. कोर्ट ने इस मामले में पहले भी आजम खान के खिलाफ कुर्की के नोटिस जारी किए थे. तब पुलिस ने आजम खान के मोहल्ले में मुनादी कराई थी, लेकिन इसके बाद भी वह कोर्ट में हाजिर नहीं हुए.

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