बी.के. हॉस्पिटल में बंदरों का आतंक जारी, 15 दिन में 8 बच्चों को बनाया शिकार

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Faridabad/Alive News : सिविल अस्पताल बीके में बंदरों के खौफ से मरीज परेशान हैं। अस्पताल में बंदरों का खौफ इतना ज्यादा है कि परिजन अपने बच्चों को अकेला नहीं छोड़ सकते है। बृहस्पतिवार को एक बंदर ने दो बच्चों पर हमला कर दिया। दोनों बच्चों को सरकारी अस्पताल से एंटी रेबीज वैक्सीन तक नहीं मिल सका। ऐसे में उनके परिजन निजी अस्पताल ले गए।

बसंतपुर निवासी शकील का कोई परिजन बीके सिविल अस्पताल में भर्ती है। बृहस्पतिवार शाम शकील अपने तीन वर्षीय बेटे सलीम के साथ अस्पताल में भर्ती परिजन को देखने आया था। शाम का समय होने के कारण अन्य रिश्तेदारों के साथ शकील गेट पास बने पार्क में बात कर रहे थे, जबकि तीन साल का सलीम पास ही खेल रहा था। तभी एक बंदर तेजी से बच्चे पर झपटा। बंदर के चिपटते ही बालक चिल्ला उठा। इस पर परिजनों व वहां मौजूद अन्य लोगों ने बंदर को भगाया। मगर तब तक बंदर बच्चे को कई जगह काट चुका था।

अभी लोग बालक सलीम की चोट को देख ही रहे थे कि वही बंदर आपातकालीन विभाग के बाहर एक अन्य बच्चे से जा चिपटा। वहां भी उसने बालक के पैर में काट लिया। इसके बाद भी बंदर का आतंक रुका नहीं। इसके बाद भी उसने कई बच्चों पर हमला करने की कोशिश की। कुछ देर बाद लोगों ने बंदर को मार भगाया।

शकील का कहना है कि सरकारी अस्पताल में ही जब बच्चे बंदरों से सुरक्षित नहीं है तो कहां होंगे। बच्चे का इलाज करवाने के लिए अस्पताल में एंटी रेबीज का वैक्सीन तक नहीं है। अन्य मरीजों ने बताया कि अस्पताल में बंदरों का खौफ कई दिनों से है। पिछले 15 दिनों में करीब आठ बच्चों को काट कर घायल कर चुके है। इन्हें पकड़ने के लिए अस्पताल प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। अस्पताल प्रशासन को बंदरों को पकड़ने के लिए विशेष अभियान चलाना चाहिए। बता दें कि एक दिन पहले भी सेक्टर-31 में बंदरों के झुंड ने 68 वर्षीया सुखवीरी नामक वृद्ध महिला को घायल कर दिया था।

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