बड़खल 87 : कांग्रेस-भाजपा प्रत्याशी की जोड़-तोड़ की राजनीति में किसने किसके वोट बैंक में लगाई सेंध, जानिए

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Tilak Raj Sharma/Alive News
Faridabad: बड़खल विधानसभा में कांग्रेस और भाजपा का मुकाबला जोड़-तोड़ की राजनीति से और रोमांचक होता जा रहा है। एक तरफ कांग्रेस के प्रत्याशी विजय प्रताप वर्तमान सरकार के पिछले मेनिफेस्टों के मुद्दों और वर्तमान विधायक एवं भाजपा प्रत्याशी सीमा त्रिखा से बड़खल झील के जीर्णोद्धार मुद्दे पर जनता के बीच में जाकर विधायक से जवाब मांग रहे है।

उधर, भाजपा प्रत्याशी सीमा त्रिखा, कांग्रेस के लगातार 10 साल के पिछले कार्यकाल की याद जनता को दिला रही है। दोनों प्रत्याशियों में जोर- तोड़ की राजनीति के चलते भाजपा प्रत्याशी सीमा त्रिखा ने पंजाबियों के इमाम एवं बड़खल विधानसभा में इस सीट के एक बहुत बड़े वोट बैंक पर पकड़ रखने वाले पूर्व कैबिनेट मंत्री एसी चौधरी से शनिवार को उनके निवास स्थान पर केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर के साथ पहुंचकर आशीर्वाद लिया है। पाठकों को बता दे कि एसी चौधरी कांग्रेस से नाराज चल रहे है। एसी चौधरी ने मीडिया को बताया कि वो किसी भी कीमत पर कांग्रेस प्रत्याशी का साथ नहीं देंगे। उनका इशारा यह भी था कि वह जल्द ही भाजपा भी ज्वाइन कर सकते है। इस से कांग्रेस प्रत्याशी को बड़ा नुकसान होने की सम्भावना है।

उधर, कांग्रेस प्रत्याशी विजय प्रताप पूर्व कैबिनेट मंत्री महेंद्र प्रताप के बेटे है जिनको महेंद्र प्रताप समर्थकों और कांग्रेस के कैडर वोट का पूरा लाभ मिलने के साथ- साथ भाजपा विधायक सीमा त्रिखा के विरोधियों का पूरा समर्थन मिल रहा है। विरोधियों में सेक्टर-21 के लोग जो भाजपा विधायक द्वारा बिजली के बदले जेल कराए जाने के मामले को अभी तक नहीं भूले है। इसका बड़ा नुकसान भाजपा विधायक को चुनाव में वोट के रूप में उठाना पड़ सकता है। क्योंकि ये सभी लोग कांग्रेस प्रत्याशी विजय प्रताप और आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी धर्मवीर भड़ाना के समर्थन में है। बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशी मनोहर लाल उर्फ़ मनोज चौधरी पार्टी के कैडर वोट बैंक के अलावा अपने गांव बड़खल सहित विधानसभा में लगने वाले गांव के वोट बैंक पर अच्छी पकड़ बनाये हुए है।

बड़खल विधानसभा पर भाजपा प्रत्याशी सीमा त्रिखा के समर्थन में वोट जुटाने के लिए मुख्यमंत्री मनोहर लाल की रैली 9 अक्टूबर को होनी तय हुई है तो वही कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के स्टार प्रचारकों की रैली भी प्रदेश में तय होनी है। देखना यह है कि मनोहर लाल की रैली भाजपा प्रत्याशी के लिए मील का पत्थर साबित होती है या नहीं। वही कांग्रेस प्रत्याशी के लिए कांग्रेस के स्टार प्रचारक राहुल गाँधी हरियाणा में रैलियों से कितना असर दिखा पाते है। यह तो परिणाम के बाद ही साफ़ होगा कि कौन सी पार्टी का स्टार प्रचारक पास होता है या फिर फेल।

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