अध्यापक बनना बहुत मुश्किल : अध्यापक प्रशिक्षण सेमिनार

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Faridabad/Alive News : अध्यापक नर से नारायण और परमात्मा से धर्मात्मा बनाने वाला होता है। अध्यापक बनना बहुत मुश्किल होता है, क्योंकि उसको हजारों नजरें देख रही होती है, सभी की अध्यापक से बहुत बड़ी उम्मीदें होती है। उक्त वाक्य प्रसिद्ध शिक्षाशास्त्री व दार्शनिक डॉक्टर एम.पी.सिंह ने बल्लभगढ़ स्थित जैन स्कूल में अलाईव न्यूज के प्रशिक्षण सेमिनार ‘अध्यापक और अध्यापन’ के दौरान अध्यापकों को सम्बोधित करते हुए कहे।

उन्होंने कहा कि अध्यापक को हमेशा मर्यादा में रहकर ही काम करना होता है, अध्यापक सभी विद्यार्थियों के लिए एक प्रेरक आत्मा होता है। अध्यापक की व्यवहार कुशलता बोली, भाषा, चरित्र-चित्रण और आचरण को देखकर ही विद्यार्थी अपने जीवन में उतारता है, इसलिए अध्यापक को अप-टू-डेट रहना चाहिए और किसी प्रकार की भौतिकवादिता की वस्तुओं को धारण नहीं करना चाहिए। अभिभावकों की उम्मीदे अलग-अलग होती है लेकिन अध्यापक एक ही होता है। अध्यापक को बच्चे की साइकोलॉजी को समझना होगा तभी वह बच्चे को प्रशिक्षित कर सकता है।

अध्यापक यदि बच्चों को किताबी ज्ञान दे रहा है, तो वह बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ कर रहा है, बच्चों को व्यवहारिक ज्ञान देना जरूरी है। अध्यापक को अपने सभी छात्रों को समानता के भाव से ही देखना चाहिए तभी वह सफल अध्यापक बन सकता है। एक अच्छा अध्यापक बच्चे को देखकर उसकी समस्याओं को समझने वाला होना चाहिए। अध्यापक बनना आसान है पर आर्दश अध्यापक बनाना उतना ही मुश्किल। अध्यापक को अपने विषय का पूरा ज्ञान होना चाहिए।

उसे छात्रों से अधिक ज्ञान अर्जित करना होगा तभी वह छात्रों की समस्याओं को दूर कर सकता है। अध्यापक को अलग-अलग तरह के मेथड के द्वारा बच्चों को पढ़ाना चाहिए जिसमें स्नेह और प्रोत्साहन जरूरी है। अध्यापक दिन के 24 घण्टे अध्यापक ही रहता है, उसे अपनी गरिमा को समझना होगा तभी समाज और छात्रों के बीच में सम्मान के योग्य होगा। एक गुरू की पहचान उसके शिष्यों से होती है, शिष्यों की कामयाबी उसके गुरू की मेहनत को दर्शाता है। गरू शब्द अपने आप में बहुत महान है, आप लोगों को खुद की पहचान होनी चाहिए तभी आप छात्रों का भविष्य बना सकते है।

अध्यापकों को सोचना चाहिए कि हमें क्या पढ़ाना है, क्या नहीं पढ़ाना है, कैसे पढ़ाना है, कैसे नहीं पढ़ाना है, अपने विद्यार्थी को व्यवहार कुशल बनाना है, नैतिकता का ज्ञान देना है। मानवीय गुणों को उस विद्यार्थी में डालना है, बाल अपराधों से बचाना है और देश प्रेमी बनाना है। इसके लिए अध्यापक को आज अत्यधिक काम करने की जरूरत है इस अवसर पर मैनेजमेंट के सभी पदाधिकारियों ने व विद्यालय की प्रधानाचार्य ने शिक्षक डॉक्टर एमपी सिंह के गुणों को अपनाने की सीख दी और कहा कि निश्चित तौर पर आज हमने अध्यापक के सही रूप को समझा है और उस पर चलकर हम देश हित जन हित राष्ट्रहित में अवश्य अपना साथ और सहयोग देंगे। प्रशिक्षण सेमिनार में ‘अलाईव न्यूज़’ ग्रुप के प्रबंधक संपादक तिलक राज शर्मा ने कहा कि ‘अलाईव न्यूज़’ इस कार्य को पिछले करीब 4 साल से नि:शुल्क और नि:स्वार्थ भाव से करता आ रहा है।

उन्होंने कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था में सुधार और देश का भविष्य कहे जाने वाले विद्यार्थियों के कल्याण के लिए प्रयासरत रहेगा। जैन स्कूल के डायरेक्टर महेश जैन ने प्रशिक्षण सेमिनार की शुरुआत ‘अलाईव न्यूज़’ की टीम और प्रोफेसर डॉ. एम.पी सिंह के सराहनीय कदम की सराहना की तथा सेमिनार के अंत में स्कूल के डायरेक्टर महेश जैन और प्रिंसिपल रचना अदलखा ने डॉ. एम.पी सिंह और संपादक तिलक राज शर्मा का प्लांट देकर स्वागत किया।

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