बिना फार्मासिस्ट के दवाखाने उड़ा रहे नियमों की धज्जियां

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80 फीसदी मेडिकल स्टोर मानकों पर नहीं है खरे

अधिकारियों के नाक के नीचे चल रहा जानलेवा खेल

Poonam Chauhan/Alive News
Faridabad : किसी भी शहर में स्वास्थ्य सेवाएं लोगों की जिन्दगी के लिए आवश्यक होती है, उसी तरह से हर शहर में दवा की दुकाने भी जरूरी होती है। इसके लिए सरकार ने कुछ नियम और कानून बनाए है। जिन्हे पूरा करना इन कैमिस्टो (दवाखाना)के लिए बहुत जरूरी होता है। लेकिन दवां की दुकानों में इन नियम और कानून की धज्जियां जमकर उड़ाई जा रही है। अगर, हम फरीदाबाद के आस-पास की बात करे तो यहां छोटी और बड़ी 1800 दवा की दुकाने है। जिनमें से 1000 होल सेल्र्स है और 800 फूटकर विक्रेता है।

फाइल फोटो

जहां नियम के मुताबिक जब तक दुकाने खुली है फार्मासिस्ट का होना जरूरी है। यदि दुकान पर फार्मासिस्ट मौजूद नहीं है तो ऐसी स्थिति में दुकानदार दवां नही बेच सकता है। फार्मेसी एक्ट 1948 के अनुसार अगर कोई गैर फार्मासिस्ट लोगों को दवाईयां देते हुए पकड़ा जाता है तो उसे 6 महीने की सजा और 1000 रूपए जुर्माना देना होगा। लेकिन इस नियम का शहर के 80 प्रतिशत दुकानदार धज्जियां उड़ा रहे है।

देखे विडियो : बिना फार्मासिस्ट के दवा विक्रेता उड़ा रहे ड्रग एक्ट की धज्जियां

अगर हम बात करे शहर के मेडिकल स्टोरो की तो अलाईव न्यूज की टीम ने जब मेडिकलों का दौरा किया तो अधिकतर दुकानों पर फार्मासिस्ट नहीं मिले। तब दुकानदारों का जवाब आया कि अभी फार्मासिस्ट लंच पर गया है तो कुछ ने कहा कि बैंक के काम से गया है तो कुछ का कहना था कि आज तबियत खराब है। ऐसे ही बहाने हमें अधिकतर मेडिकल स्टोरो पर सुनने को मिले लेकिन फार्मासिस्ट नहीं मिला। फार्मासिस्ट की गैर हाजिरी में दवां बेचने के बारे में पूछा गया तो दुकानदार सकपका गए और कुछ ने तो किनारा ही कर लिया।

प्रशासन की नाक के नीचे दवाखाना दुकानदार खुलेआम सरकारी नियमों की धज्जियां उड़ा रहे है। ऐसा नहीं है कि इसकी जानकारी जिला ड्रगस कंट्रोलर को नहीं होगी, लेकिन फिर भी इस जानलेवा खेल पर अंकुश लगाने वाला शायद कोई नहीं है। उक्त मामले पर अधिकारी समय-समय पर कार्यावाही करने की बात तो करते है लेकिन आज की हकीकत को मानने से इंकार करते है।

– क्या है गाईड लाईन
आपको बता दें 28 दिसम्बर 2015 को स्टेट ने नई गाईड लाईन जारी की थी, उस गाईड लाईन के अनुसार लाईसेंस की प्रायर्टी उन्ही लोगों को दी जाएगी जो स्वयं फार्मासस्ट होंगे। फार्मासिस्ट ही दुकान खोल सकेंगे और अगर वो किसी दुकान पर काम करता है तो उनकी प्रोपर पुलिस वेरिफकेशन होनी चाहिए कि वो दुकान पर हर समय मौजूद है या नही।

क्या कहते है फार्मासिस्ट स्टेट प्रजिडेंट
अकेले फरीदाबाद शहर में 80 प्रतिशत मेडिकल स्टोर बिना फार्मासिस्ट के चल रहे है और पूरे हरियाणा में 90 प्रतिशत मेडिकल स्टोर बिना फार्मासिस्ट के चल रहे है। हां, उनके पास फार्मासिस्ट का लाईसेंस तो है लेकिन फार्मासिस्ट मौजूद नहीं होता। क्योंकि फार्मासिस्ट अपना लाईसेंस इन्हे किराए पर देकर कहीं और नौकरी करते हैं। ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट में प्रावधान है कि अगर कोई नॉन फार्मासिस्ट दवाईयां देता पकड़ा जाता है तो उसे एक्ट के अनुसार 6 महीने की सजा और एक हजार रूपए जुर्माने का प्रावधान है, जोकि आज के समय में बहुत कम है। उन्होंने बताया कि हमारी फार्मेसी संस्था सरकार से मांग कर रही है कि अगर नॉन फार्मासिस्ट दवा देता है तो उसके लिए 5 लाख का जुर्माना और 5 साल की सजा होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि इस तरह के लोगों पर शिकंजा कसने के लिए फार्मासिस्ट संगठन ने ड्रग ऑफिसर को लिखित में शिकायत दे दी है लेकिन अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए है।
-दीपक त्रिपाठी, स्टेट प्रजिडेंट, हरियाणा फार्मासिस्ट फाउंडेशन।

क्या कहना है फार्मासिस्ट संग का

 फार्मासिस्ट संग की टीम ने शहर के सैक्टर-7 में जब मेडिकलों स्टोरो का मुआयना किया तो किसी भी मेडिकल स्टोर पर न तो हमें लाइसेंस ही मिला न ही फार्मासिस्ट अपनी ड्रेस में नजर आया, फार्मासिस्ट के पास अपनी नेम प्लेट तक नहीं थी। संगठन ने इसकी सुचना ड्रग अधिकारी को दी पर आज 10-12 दिन बीत जाने के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं हुई है। उक्त मामले को लेकर फार्मासिस्ट संगठन डीसी और स्वास्थ्य मंत्री से भी जल्द मुलाकात करेगा।
– विकास वशिष्ठ, प्रदेशाध्यक्ष, हरियाणा फार्मासिस्ट संगठन।

क्या कहना है ड्रग ऑफिसर का

 जहां-जहां से उन्हे मेडिकल स्टोर पर फार्मासिस्ट न होने की शिकायत मिल रही है, उन पर वह कार्यवाही कर रहे है। इसी कड़ी में आज संजय कालोनी 33 फुट रोड़ पर कॉस्मेटिक स्टोर की आड़ में मेडिकल स्टोर चलाने वाले ब्रिजेश पाठक नामक व्यक्ति को गिरफ्तार कराया है। उसके खिलाफ ड्रग और डीपीसी एक्ट के तहत मुकद्दमा दर्ज किया है। उन्होंने कहा कि अगर उन्हे कोई ऐसी शिकायत मिलती है तो कार्यवाही की जाएगी।
– करन गोदारा, ड्रग इंस्पेक्टर फरीदाबाद।

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