New Delhi/Alive News : बीजेपी के रणनीतिकारों ने मिशन 2019 पर काम करना शुरू कर दिया है. देश के सभी राज्यों में बीजेपी चुनावी रणनीति बनाने के लिए ‘वॉर रूम’ स्थापित कर रही है. इनमें से अधिकतर ‘वॉर रूम’ ने 15 अगस्त से काम करने शुरू कर दिए हैं. जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह अलग-अलग राज्यों में लगातार रैलियां कर माहौल बनाने में जुटे हैं.

देश के प्रत्येक राज्य की राजधानी में ‘राज्य संपर्क केंद्र’ के नाम से बीजेपी ने ‘वॉर रूम’ बनाया है. ये सभी ‘वॉर रूम’ डेटा कलेक्शन करके केंद्रीय वॉर रूम को भेजेंगे, जो बीजेपी के पुराने मुख्यालय 11 अशोक रोड को बनाया गया है.

एक बीजेपी नेता ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि प्रत्येक राज्य में वॉर रूम के अलग-अलग पैमाने पर होंगे. उन्होंने कहा कि बीजेपी नेतृत्व द्वारा वॉर रूम को सभी तरह की सुविधाओं से लैस किया गया है. सभी 500 शक्ति केंद्रों पर एक-एक कॉलिंग एजेंट होगा. एक शक्ति केंद्र 2 से 3 बूथ के लिए होगा. तीन डेटा एंट्री ऑपरेटर और एक पर्यवेक्षक तैनात होंगे.

‘वॉर रूम’ में काम करने वाले प्रत्येक स्टाफ सदस्य के लिए 3×3 फिट का वर्कस्टेशन बनाया गया है. लैपटॉप, कलर प्रिंटर, सर्वर रूम और 10 एमबीपीएस स्पीड के इंटरनेट की लीज लाइन की व्यवस्था की गई है. एक ट्रेनिंग रूम बनाया गया है, जिसे मीटिंग रूम के तौर पर भी इस्तेमाल किया जा सकता है. एक छोटे केबिन की भी व्यवस्था की गई है. इसके अलावा ‘वॉर रूम’ में प्रवेश के लिए बॉयोमीट्रिक प्रणाली लगाई गई है.

बीजेपी नेता ने कहा कि स्टेट ‘वॉर रूम’ में मतदाताओं का डेटाबेस बनाएंगे. विशेष रूप से डिजाइन किए गए अभियान सामग्री को ईमेल और सोशल मीडिया के माध्यम के जरिए उन्हें वायरल करेंगे.

बीजेपी नेता ने बताया कि वॉर रूम के पीछे तीन प्रमुख कारण हैं. ‘वॉर रूम’ का राज्यों में विकेंद्रीकरण किया गया है, ताकि राज्य के लिहाज से जमीनी स्तर की रणनीति बनाई जा सके. स्थानीय स्तर पर राजनीतिक माहौल को समझने और उनके मुताबिक प्लान बनाने के मद्देनजर कदम उठाया गया है. इसके अलावा प्रत्येक बूथ को ट्रैक किया जा सकेगा.

बीजेपी शासित राज्यों में से एक मुख्यमंत्री ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि पार्टी नेतृत्व का निर्देश 15 अगस्त तक ‘वॉर रूम’ को शुरू कर देना था. लोकसभा चुनाव के नजदीक ‘वॉर रूम’ का आकार और भी बढ़ेगा.

बीजेपी के दूसरे नेता ने बताया कि लोकसभा चुनावों के अलावा, इस साल के अंत में मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ के विधानसभा चुनाव होने हैं. इन राज्यों के चुनाव में ‘वॉर रूम’ का उपयोग किया जाएगा.बता दें कि 2014 के लोकसभा चुनाव 930,000 से अधिक मतदान केंद्रों में 550 मिलियन से अधिक लोगों ने मतदान किया था. इसके अलावा डाक मतपत्रों के माध्यम से 1.1 मिलियन से अधिक लोगों ने वोट किया था. बीजेपी ने कुल 172 मिलियन वोट पाकर बहुमत हासिल किया. जबकि कांग्रेस का आंकड़ा 107 मिलियन वोट था.

बीजेपी के सोशल मीडिया अभियान को 2014 के लोकसभा चुनाव में बढ़ावा देने का श्रेय दिया जाता है.

बीजेपी के लिए वॉर रूम नए नहीं हैं. दिल्ली के तुगलक रोड पर केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार का बंगला 2009 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी का वॉर रूम था. उस दौरान बीजेपी की ओर से एलके आडवाणी पीएम उम्मीदवार थे.

2014 के लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी के लिए केंद्रीय मंत्री श्रीपद येसो नाइक के लोदी एस्टेट बंगले को इस तरह से वॉर रूम में स्थापित किया था. बीजेपी का ये अभियान सफल भी रहा.

बीजेपी नेता ने कहा कि केंद्रीय ‘वॉर रूम’ ने पहले ही 300 लोगों के साथ काम करना शुरू कर दिया है. अगले साल लोकसभा चुनाव के लिए 360 डिग्री अभियान पर काम कर रहे हैं.

विवेकानंद इंस्टीट्यूट ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज के प्रोफेसर सिद्धार्थ मिश्रा ने कहा कि बीजेपी जनसंघ के दिनों से ही एक कैडर आधारित पार्टी है. पार्टी के आकार में वृद्धि हुई और भौगोलिक दृष्टि से विस्तार के रूप में इसके संचालन की मात्रा में कई गुना वृद्धि हुई है. यह एक कैडर आधारित चुनावी रणनीति के कारण अब तक आया है. यह एक समान रणनीति के माध्यम से आगे बढ़ना चाहता है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here