बीके अस्पताल के कर्मचारी हुए बेलगाम, उतरे बेशर्मी पर

0
186

महिला पत्रकारों से बतमीजी कर छीना मोबाईल

Faridabad/Alive News: फरीदाबाद के नागरिक अस्पताल में पिछले एक सप्ताह से एक्स-रे मशीन खराब है। गौरतलब है कि यह फरीदाबाद का बड़ा सरकारी अस्पताल है जिसमें हर रोज लगभग हजारों मरीज एक्स-रे के लिए आते हैं। बावजूूद, इसके अस्पताल की एक्स-रे मशीन का खराब होना अस्पताल प्रशासन की लापरवाही को दर्शाता है। इस लापरवाही को लेकर हमारे संवादाता ने अस्पताल सिविल सर्जन और संबंधित अधिकारी से इस बारे में जानकारी लेनी चाही तो कोई भी इसकी जबावदेही के लिए तैयार नहीं है।

मरीजों की समस्या को लेकर जब हमारे संवादाता ने सोमवार को करीब बारह बजे रेडियोलॉजी(एक्स-रे) कक्ष के प्रतीक्षालय में बैठी मरीज जमना नामक महिला से बात की तो उसका कहना था कि वो 10 जून 2019 से एक्स-रे कराने के लिए लगातार अस्पताल आ रही है लेकिन एक्स-रे मशीन खराब होने के कारण लंबे समय से उनका एक्स-रे नहीं हो पा रहा है। वहीं, जब अन्य मरीजों से बात की तो उनका भी यही कहना था कि काफी समय से मशीन खराब होने के कारण उनका एक्स-रे नहीं हो पा रहा है।

यह जानकारी लेने के बाद जब हमारे संवादाता रेडियोलॉजी कक्ष के प्रतीक्षालय से बाहर ही निकल रहे थे तभी पीछे से किसी की आवाज आई कि तुमने पत्रकार को क्या बताया, जब हमारे संवाददाता ने पीछे देखा तो एक्स-रे कक्ष के रेडियोलॉजिस्ट वहां पर मौजूद मरीजों को धमका रहे थे, तभी संवाददाता ने उस घटना को अपने मोबाईल में कैद कर लिया। उसके बाद रेडियोलॉजी कक्ष में आए एक कर्मचारी ने संवाददाता का मोबाईल छीन लिया और दादागीरी पर उतारू हो गया।

जब संवाददाता ने अपने समाचार पत्र का नाम बताया तो वह थोड़ा घबराया और मोबाईल वापिस देकर वहां से भाग गया। तभी मौजूद अन्य समाचार के प्रशिक्षशु पत्रकारों ने एक्स-रे कक्ष के रेडियोलॉजिस्ट से इस हरकत को लेकर बातचीत करनी चाही तो वहां पर मौजूद रेडियोलॉजिस्ट समय से पहले ही लंच करने में व्यस्त था। जब संवाददाता ने रेडियोलॉजिस्ट(नाम नामालूम) से पूछा कि समय से पहले ही लंच कर रहे है और मरीज एक सप्ताह से एक्स-रे की लाईन लगाए बैठे हैं।

रेडियोलॉजिस्ट ने बड़ी बेशर्मी से जबाव दिया कि आपको इस से क्या लेना है, वो लंच करे या फिर यहां सोये। बीके अस्पताल की बदनसीबी है कि ऐसे बेशर्म कर्मचारियों को झेल रहा है और मरीज यहां बेचारे बने देखते रहते हैं। बड़े मजे की बात तो यह है कि इस बारे में जब सीएमओ से शिकायत करनी चाही तो सीएमओ साहब नेता की नौकरी बजाने में व्यस्त लगे। क्योंकि उनके पास पत्रकारों से मिलने का समय ही नही है।

Print Friendly, PDF & Email