Faridabad/Alive News : रिहायशी इलाकों में लगे हुए मोबाइल टॉवर अब लोगों के लिए खतरा बनते जा रहे है। जहां एक ओर मोबाइल रेडिएशन के चलते लोगों को अपने स्वास्थ्य की चिंता सताने लगी है। वहीं दूसरी तरफ कुछ लोग चंद रुपयों के लालच में आकर अपने जीवन से खिलवाड़ कर रहे है, जिसका खामियाजा उनके साथ ही आस-पास के लोगों को भी भुगतना पड़ रहा है।

आज सैक्टर-9 में घनी आबादी के बीच लगे मोबाईल टावर में आग लगने से लोगों के बीच अफरा-तफरी मच गई। देखते ही देखते आग की लपटे मोबाइल टावर के नीचे लगे इलेक्ट्रिकसिटी कंट्रोल रूम तक पहुंच गई और आस-पास के इलाके में धुंए का गुब्बार फैल गया। आनन-फानन में लोगो ने फायर ब्रिगेड को सूचना दी और फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची तब जाकर आग की लपटों पर काबू पाया गया। लेकिन तब तक मोबाइल टावर कंट्रोल रूम जलकर खाक हो चुका था।

गनीमत यह रही कि इस आग में किसी के भी हताहत होने की कोई सूचना नही मिली। वहीं जब इस मामले को लेकर पुलिस से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि उन्हें इस आग के बारे में किसी की तरफ से कोई सूचना नही दी गई है। चिंता का विषय तो यह है कि आग लगने से कोई बड़ी घटना घटित हो सकती थी, जिसमें जानमाल की हानि होने की पूरी आंशका थी। पर सोचने का विषय तो यह है कि रिहायशी इलाकों में इतनी बड़ी संख्या में टावरों का लगना कहा तक सही है। आपको बता दें मोबाईल टावरों से रेडिएशन भी भारी मात्रा में फैलता है, जिसके दुष्परिणाम लोगों में कैंसर जैसी भयानक बिमारी देखने को मिल रही है इसके साथ ही पक्षियों पर भी इसका असर देखने को मिल रहा है।

मोबाईल टावरों के कारण ही गोरिया की प्रजाति लुप्त हो चुकी है। मोबाईल टावरों को लेकर प्रशासन को हरकत में आना होगा ताकि कोई अनहोनी न हो और लोगों को भयानक बिमारियों की चपेट में आने से बचाया जा सके।

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