फरीदाबाद के एक RTI एक्टिविस्ट के खिलाफ मामला दर्ज

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Faridabad/Alive News : आखिरकार दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम ने तकरीबन 10 साल के इतने काम समय में ठेकेदार का गड़बड़झाला निकाल ही लिया। पाठकों को बता दें कि साल 2011 में फरीदाबाद के बाजड़ी फीडर में कृषि बिजली कनेक्शन, पोल व फीडर लगाने से संबंधित कार्य में गडबड़झाले के आरोप में आरटीआइ एक्टिविस्ट वरुण श्योकंद के खिलाफ दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम ने मुजेसर थाने में मुकदमा दर्ज कराया है।

वरुण श्योकंद सन 2011 में एम.एस श्योकंद इलेक्ट्रिकल्स नाम से एक ठेकेदारी फर्म चलाता था, जो बिजली निगम के लिए ठेके पर काम करती थी। सर्कल एक्सईएन बी.के राजन की तरफ से दर्ज कराए गए मुकदमे में कहा गया है कि आरोपित ने पहले फर्जी कागजों के आधार पर बिजली वितरण निगम से करीब 76 लाख रुपये के कार्य का यह ठेका हासिल कर लिया। इसके बाद बिजली निगम के अधिकारियों से सांठगांठ कर काम पूरा किए बिना कार्य की अधिकतर राशि हासिल कर ली।

मुकदमे में कहा गया है कि यह मामला सामने आने के बाद वरुण श्योकंद की फर्म को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया था। उसका साथ देने वाले बिजली निगम के अधिकारियों की विभागीय जांच कराकर कार्रवाई की गई थी। इस मामले की जांच लंबित थी। बताया गया है कि बिजली निगम की विजिलेंस सहित अन्य एजेंसियों ने मामले की जांच की। जिसमें वरुण श्योकंद को गड़बड़झाले का आरोपित पाया। इसलिए अब मुकदमा दर्ज कराया गया है। मुकदमे में धोखाधड़ी, अमानत में खयानत सहित कई अन्य धाराएं जोड़ी गई हैं।

आरटीआइ कार्यकर्ता होने के नाते उन्होंने दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के कई घोटाले उजागर किए हैं। कई मामलों में जांच लंबित है। उन पर दबाव बनाने के लिए 10 साल पुराने मामले में मुकदमा दर्ज कराया गया है।

-वरुण श्योकंद, आरटीआइ कार्यकर्ता

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