सावधान : आपका एक मैसेज ले सकता है किसी की जान

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New Delhi/Alive News : सोशल मीडिया के जरिए वायरल होने वाले फेक मैसेज सरकार के लिए गंभीर चुनौती बनते जा रहे हैं। पिछले दिनों वाट्सएप पर फैली अफवाहों की वजह से कई लोगों की जान चली गई। ऐसे में बहुत जरूरी हो जाता है कि सोशल मीडिया में फैल रही सही और गलत खबरों के बीच के अंतर को समझें और लोगों के झांसे में बिल्कुल न आएं।

हाल के दिनों में वाट्सएप पर तैरती अफवाह लोगों के लिए जानलेवा साबित होने लगी है। वाट्सएप पर फैली इस अफवाह की वजह से महाराष्ट्र में भीड़ ने 5 लोगों को बच्चा चोर होने के शक में पीट-पीटकर मार डाला। हालांकि यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी सोशल साइट्स पर फैली अफवाह कई लोगों की जान ले चुकी है।

देश में वाट्सएप के 20 करोड़ एक्टिव यूजर्स हैं। इसके जरिए एक-दूसरे को भेजे जाने वाले कई मैसेज, फोटो और वीडियो फेक होते हैं, लेकिन बिना सोचे-समझे इसे शेयर करने से ये देखते ही देखते वायरल हो जाते हैं। अक्सर मैसेज को फॉरवर्ड या शेयर करते समय लोग इस बात का बिल्कुल भी ध्यान नहीं रखते कि उसका जमीन पर क्या असर होगा। अब वाट्सएप को लेकर सरकार ने निर्देश जारी किए हैं। सरकार ने वाट्सएप से फेक मैसेज को चेक करने को कहा है। सरकार ने यह कदम हाल में हुई भीड़ द्वारा हत्याओं को देखते हुए उठाया है।

गृह मंत्रालय ने राज्यों को किया अलर्ट
केंद्र सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को मॉब लिंचिंग रोकने के लिए पर्याप्त कदम उठाने को कहा है। सोशल मीडिया पर बच्चा चोरी की अफवाहों के बाद ऐसी घटनाएं बढ़ रही हैं। गृह मंत्रालय ने राज्यों से कहा कि ऐसी घटनाओं को पकड़ने के लिए सक्रियता बढ़ाएं और उन्हें रोकने के लिए उचित कदम उठाएं।

मंत्रालय ने राज्यों से कहा कि जिला अधिकारियों को निर्देश दिए जाएं कि वे इससे प्रभावित क्षेत्रों की पहचान करें, लोगों के बीच अपनी पहुंच बनाकर उन्हें सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही अफवाहों को लेकर जागरूक करने की कोशिश करें। साथ ही राज्यों को निर्देश दिया कि बच्चों की किडनैपिंग के मामलों को गंभीरता से लें और उचित पड़ताल करें।

केंद्र सरकार ने वाट्सएप को दिया निर्देश
बता दें कि देश के कई हिस्सों में भीड़ द्वारा लोगों की हत्या की घटनाएं सामने आने के बाद मंगलवार को केंद्र सरकार ने मेसेजिंग ऐप वॉट्सऐप को निर्देश दिए थे कि वह ‘गैर-जिम्मेदार और विस्फोटक मेसेज’ को अपने प्लैटफॉर्म पर फैलने से रोके। सरकार ने वॉट्सऐप से यह भी कहा था कि कंपनी इस मुद्दे पर जवाबदेही से नहीं बच सकती है।वॉट्सऐप ने कहा- फर्जी खबरों को लेकर चिंतित हैं

वॉट्सऐप ने सरकार से कहा, ‘वह प्लैटफॉर्म पर फैलाई जा रहीं फर्जी खबरों और गलत सूचनाओं को लेकर चितिंत है। इस मामले में सरकार, समाज और टेक्नॉलजी कंपनियों को साथ मिलकर काम करने की जरूरत है।’ फेसबुक के स्वामित्व वाली कंपनी वॉट्सऐप ने इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना तकनीक मंत्रालय को एक पत्र लिखा है। पत्र में कंपनी ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में हुए हिंसा के मामलों पर वह भी चिंतित है।

वॉट्सऐप ने लेटर में लिखा, ‘आपके 2 जुलाई के पत्र के लिए धन्यवाद। भारत सरकार की तरह हम भी इस मामले को लेकर फिक्रमंद हैं। हम मानते हैं कि यह एक चुनौती है और इससे निपटने के लिए सरकार, समाज और तकनीकी कंपनियों को साथ मिलकर काम करना होगा।’

11 राज्यों में फैली अफवाह
बच्चा चोरी के शक के मामले की शुरुआत झारखंड से हुई थी जब सात लोगों को भीड़ ने बच्चा चोर समझकर तब तक मारा जब तक वह मर नहीं गए। यह हमला उनपर तब हुआ जब सोशल मीडिया पर बच्चे को अपहरण करने वाले एक गैंग के मोहल्ले में आने की अफवाह फैली हुई थी। इसके बाद बच्चा चोर समझ निर्दोषों के मारे जाने सिलसिला ही चल पड़ा और एक के बाद एक 11 राज्यों से बच्चा चोरी के मामले में निर्दोष लोगों के मारे जाने की घटना सामने आई है।

महाराष्ट्र के धुले जिले से चौंकाने वाली खबर आई जहां ग्रामीणों ने बच्चा चोरी करने वाले गिरोह का सदस्य होने के संदेह में पांच लोगों की पीट-पीटकर हत्या कर दी। धुले में साकरी तहसील के राइन पाड़ा गांव में 5 अनजान लोगों को संदिग्ध अवस्था में देख गांव वालों को शक हुआ कि ये बच्चा चोर हो सकते हैं। इसके बाद गांव वालों ने उन्हें पहले ईंट-पत्थर से मारा और फिर कमरे बंद कर बेरहमी से पीटा। कमरे में इतना मारा गया कि इसी जगह पर पांचों ने दम तोड़ दिया।

क्या हो रही है कोशिश
अक्सर वाट्सएप पर फैलने वाली फेक न्यूज या मैसेज फॉरवर्ड होता है। उसमें न तो कोई तारीख लिखी होती है और न किसी बड़े सोर्स का कोई हवाला होता है। ऐसे में फॉरवर्ड की जा रही खबर कब की है? सही है भी या नहीं? इस बारे में लोगों को जानकारी नहीं होती है। अभी सरकार और सुरक्षा एजेंसियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती अफवाह के सोर्स तक पहुंचना है। वाट्सएप ने भी कई कदम उठाने की बात कही है। कंपनी ने संकेत दिया है कि वह 30 दिनों तक का डाटा रखने की शुरुआत कर सकती है। समूह में भेजे जाने वाले मैसेज और फॉरवर्ड मैसेज को ट्रैक करने की सुविधा देने का रास्ता भी निकाला जा रहा है।

किस सोर्स पर करें भरोसा?
केवल वाट्सएप पर ही नहीं, बल्कि ऑनलाइन कहीं से भी आपके पास इंफॉर्मेशन आ रही है, तो यह जरूर देख लें कि उसका सोर्स क्या है। आपको यह पहचानना होगा कि खबर या मैसेज किस सोर्स के जरिए आपके पास आई है और क्या वह सोर्स भरोसा करने लायक है? इसके अलावा, उस खबर को किसी दूसरे सोर्स से भी कंफर्म कर सकते हैं। अगर आपको किसी दूसरे सोर्स पर वह न्यूज या मैसेज मिलती है, तो आप उस पर भरोसा कर सकते हैं, लेकिन अगर ऐसा नहीं होता है, तो फिर यह फेक न्यूज या मैसेज भी हो सकती है।

फोटोशॉप की गई तस्वीरों से बचें
अक्सर वायरल करने के लिए फर्जी तस्वीरों का सहारा लिया जाता है। फोटोशॉप के जरिए कहीं की तस्वीर को कहीं और जोड़कर दिखा दिया जाता है। इसीलिए यह बहुत जरूरी है कि सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली तस्वीरों पर तभी भरोसा किया जाए, जब वह किसी विश्वसनीय सोर्स के जरिए आपके पास आई हो। कई बार फेक न्यूज की हेडलाइन बहुत आकर्षक होती है। ये ऐसी खबरें होती हैं, जिन्हें देखकर कोई भी व्यक्ति चौंक जाता है। लेकिन यह जरूरी नहीं है कि वह पूरी तरह सच हो। कई बार आधे सच यानी अर्धसत्य को मिर्च मसाला लगाकर लोगों के सामने पेश कर दिया जाता है।

सावधान रहने की जरूरत
-संदिग्ध मैजेस पर क्लिक न करें, न ही उसे दूसरों को फॉरवर्ड करें।

-अगर किसी सोर्स से लगातार संदिग्ध मैसेज आ रहे हैं, तो भेजने वाले को ब्लॉक कर सकते हैं और ऐसे मैसेज को डिलीट कर देना चाहिए।

-किसी भी मैसेज को फॉरवर्ड करते समय सावधानी जरूरत बरतें। यह भी समझने की कोशिश करें कि क्या उसके कोई गंभीर परिणाम हो सकते हैं।

-अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट का मूल्यांकन करें और केवल अपने जान-पहचान वाले लोगों के साथ ही मैसेज शेयर करें।

ऐसे मैसेज से रहें सावधान
-अगर मैसेज में गलत स्पेलिंग या व्याकरण संबंधी गलतियां हों।

-अगर आपसे आपकी व्यक्तिगत जानकारी मांगी जाए।

-आपको किसी नए फीचर को चालू कराने के लिए लिंक पर क्लिक करने को कहा जाए।

-अगर आपके कहा जाए कि लिंक पर क्लिक करने से आपको कैशबैक मिलेंगे आदि।

-अगर आपको मैसेज आगे फॉरवर्ड करने के लिए कहा जाए।

-आपको वाट्सएप उपयोग करने के लिए शुल्क देने को कहा जाए।

-पर्सनल इंफॉर्मेशन, क्रेडिट, बैंक एकाउंट, नंबर, डेट ऑफ बर्थ, ईमेल, पासवर्ड की मांग करने वाले मैसेज को इग्नोर करें। फौरन उस सोर्स या ग्रुप को ब्लॉक कर दें, जिससे ऐसे मैसेज आ रहे हों।

– 100 या 200 लोगों को फॉरवर्ड करें 100 रुपये का रिचार्ज मिलेगा, ऐसे किसी भी मैसेज दूर रहें।

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