ओरल हेल्थ कैंप में डॉ. स्मृति ने बताए कुछ महत्वपूर्ण टिप्स
Faridabad/Alive News : स्वास्थ्य विभाग की ओर से 1 से 15 सितंबर तक ‘ओरल हेल्थ पखवाड़ा’ मनाया जा रहा है। दांतों को सुंदरता का आईना कहा जाता है। इसी सुंदरता को बनाए रखने के उद्देश्य से सिविल अस्पताल में डेन्टल चिकित्सक डॉ. स्मृति की अध्यक्षता में ओरल हेल्थ कैंप का आयोजन किया गया। इस कैंप में बच्चों, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गो इत्यादि को दांतों में होने वाली बीमारियों की जानकारी देते हुए बताया कि स्वस्थ दांतों का संबंध स्वस्थ शरीर से होता है, इसलिए हमें दांतों की देखरेख में कोई कोताही नहीं बरतनी चाहिए।

डॉ. ने बताया कि फरीदाबाद जिले के घरों में सप्लाई किए जाने वाले पानी में फ्लोराइड की मात्रा अधिक होती है। जिसके कारण बच्चों के दांत पीले पड़ जाते हैं तथा फ्लोराइड की मात्रा 4 पीपीएम से अधिक होने के कारण दांतों की उपरी परत जिसको हम इनमैल कहते हैं, वह पूरी तरह से नहीं बन पाती है, जिससे दांत कमजोर हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि अक्सर महिलाओं को भ्रम होता है कि प्रसव के बाद कुछ महीनों तक ब्रश नही करना चाहिए, जबकि यह उचित नही है।

प्रसव के बाद महिलाओं को ब्रश अवश्य करना चाहिए। डॉ. ने कहा कि वहीं लोगों को ब्रश करने से बच्चों के दूध के दांत टूटने का डर रहता है, इसलिए वह बच्चों को ब्रश करवाने में कोताही बरतने लगते है जोकि गलत है। डॉ. ने कहा कि बच्चें के मुंह में प्रथम दांत निकलने के बाद ही उन्हें ब्रश करवाना शुरू कर देना चाहिए। डॉ. ने चित्रोंं के माध्यम से उपस्थितगणों को सहीं ढंग से ब्रश करने के तरीके भी बताए। उन्होंने मुंह में होने वाले कैंसर के प्रति जागरूक करते हुए इसके लक्षण और उपाय बताते हुए उक्त में से कोई भी संकेत दिखाई देने पर तुंरत चिकित्सक से संपर्क करने सलाह दी।

दांतों को स्वस्थ रखने के नियम-
1. पौष्टिक भोजन जैसे दूध, दही, दालें, अंडे, फल, हरी सब्जियां इत्यादि का अत्यधिक प्रयोग करें।
2. दो भोजन के बीच मिठाई व चिपचिप पदार्थ न खाएं।
3. रेशे युक्त पदार्थो का अत्यधिक सेवन जैसे सब्जियां, फल, सलाद इत्यादि।
4. दांतों की सतह से पीली परत हटाने के लिए प्रत्येक भोजन के बाद ब्रश करें।
5.अच्छे टूथपेस्ट व मुलायम टूशब्रश का प्रयोग करें।
6. अपने दंत चिकित्सक से नियमित दांतों की जंाच करवाएं।
7.सिगरेट, बीड़ी, तम्बाकू, गुटखा इत्यादि का प्रयोग न करें।
8. टूशब्रश प्रत्येक तीन महीने में अथवा जब इसके रेशे मुडं जायें, तब बदल लें।

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