Chhath Puja 2020: छठ का आखिरी दिन आज, जानें उगते सूर्य को अर्घ्य देने के 3 बड़े फायदे

0
15
Sponsored Advertisement

New Delhi/Alive News: छठ पूजा (Chhath Puja 2020) का आज चौथा और अंतिम दिन है. व्रत रखने वाली महिलाएं आज उगते सूर्य को अर्घ्य देकर व्रत का पारण करेंगी. इस पूजन विधि के साथ ही छठ के महापर्व का समापन हो जाएगा. अंतिम दिन सूर्य को वरुण वेला में अर्घ्य दिया जाता है. यह सूर्य की पत्नी उषा को दिया जाता है. इससे सभी तरह की मनोकामना पूर्ण होती है. आइए जानते हैं छठ के चौथे दिन का महत्व क्या होता है और उगते सूर्य को अर्घ्य देने का शुभ मुहूर्त क्या है.

सूर्योदय अर्घ्य का समय
कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को छठ पूजा का अंतिम दिन मनाया जाता है. इस दिन सूर्योदय के समय सूर्य देव को अर्घ्य देने की परंपरा है. उगते सूरज के अर्घ्य देने का शुभ मुहूर्त आज सुबह 06:49 बजे है. इसके बाद पारण कर इस व्रत को पूरा किया जाता है. सूर्य को जल चढ़ाने के लिए तांबे के लोटे का उपयोग करना चाहिए. गिरते जल की धारा में सूर्यदेव के दर्शन करना चाहिए.

छठ के अंतिम अर्घ्य के लाभ
1. इससे संतान सम्बन्धी समस्याएं दूर होती हैं. इससे नाम यश बढ़ता है. अपयश के योग भंग होते हैं. पिता पुत्र के संबंध ठीक होते हैं. इसके अलावा जिन लोगों की कुंडली में सूर्य कमजोर होता है, उनमें आत्मविश्वास की कमी होती है. सूर्य को अर्घ्य देने से आत्मविश्वास बढ़ेगा.

2. सुबह के वक्त जल की धारा में से उगते सूरज को देखना चाहिए. इससे धातु और सूर्य कि किरणों का असर आपकी दृष्टि के साथ आपके मन पर भी पड़ता है और आपको सकारात्मक उर्जा का आभास होता रहेगा.

3. सूर्य प्रकाश का सबसे बड़ा स्रोत है और प्रकाश को सनातन धर्म में सकारात्मक भावों का प्रतीक माना गया है. हर दिन सूर्य को अर्घ्य देने से व्यक्ति की कुंडली में यदि शनि की बुरी दृष्टि हो तो उसका प्रभाव भी कम होता है. इससे करियर में भी लाभ मिलता है.

सूर्योदय और सूर्यास्त
आज छठ पूजा के चौथे दिन सूर्योदय प्रात:काल 06 बजकर 49 मिनट पर होगा, वहीं सूर्यास्त शाम को 05 बजकर 25 मिनट पर होगा. आज सूर्योदय के समय उगते सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा.

Print Friendly, PDF & Email
Sponsored Advertisement