राष्ट्रपति चुनाव में उम्मीदवार के नाम पर आम राय बनाने के लिए भाजपा द्वारा गठित तीन सदस्यीय समिति ने विपक्षी दलों से संपर्क साधना शुरू कर दिया है

(PTI) राष्ट्रपति चुनाव को लेकर सत्ता पक्ष और प्रतिपक्ष अपनी-अपनी रणनीति को अंतिम रूप देने में जुट गए हैं. द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक उम्मीदवार के नाम पर आम राय बनाने के लिए भाजपा द्वारा गठित समिति के सदस्यों ने 16 जून को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और सीपीएम महासचिव सीताराम येचुरी से मिलने का फैसला किया है. इस समिति में गृहमंत्री राजनाथ सिंह, सूचना और प्रसारण मंत्री वेंकैया नायडू और वित्त मंत्री अरुण जेटली शामिल हैं. इससे संकेत मिल रहे हैं कि राष्ट्रपति चुनाव को लेकर भाजपा की अगुवाई वाला सत्ता पक्ष परंपरा से अलग नहीं जाना चाहता. आम तौर पर सत्तारूढ़ दल इस महत्वपूर्ण पद के लिए आम-सहमति तैयार करने की पहल करता रहा है.

रिपोर्ट के मुताबिक बुधवार को भाजपा की कोर कमेटी की बैठक में राजनाथ सिंह और वेंकैया नायडू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को राष्ट्रपति चुनाव से जुड़ी जानकारी दी. सूत्रों का कहना है कि भाजपानीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के उम्मीदवार की तरफ से 23 जून को नामांकन पर्चा दाखिल किया जा सकता है. इसकी वजह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 24 जून से प्रस्तावित विदेश यात्रा को माना जा रहा है.

बुधवार को विपक्षी दलों ने भी राष्ट्रपति चुनाव को लेकर अपनी रणनीति तय की. इस बैठक के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि इसमें उम्मीदवार के नाम पर कोई चर्चा नहीं हुई है, लेकिन बातचीत चल रही है. वहीं, सत्ता पक्ष द्वारा संपर्क किए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि अभी केवल फोन पर बात हुई है, लेकिन उम्मीदवार के नाम पर तस्वीर साफ नहीं हो पायी है.

उधर, निर्वाचन आयोग ने बुधवार को राष्ट्रपति चुनाव की अधिसूचना जारी कर इसकी औपचारिक प्रक्रिया शुरू कर दी है. राष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान 17 जुलाई को होगा जबकि मतगणना के लिए 20 जुलाई की तारीख तय है. इसके लिए नामांकन पर्चा दाखिल करने की तारीख 14 से 28 जून रखी गई है. राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का कार्यकाल 24 जुलाई को समाप्त हो रहा है.

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