अध्यादेशों के विरोध और किसान,व्यापारी मजूदरों के समर्थन में कांग्रेस का प्रदर्शन

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Rakesh Sharma, Kurukshetra/Alive News: केंद्र सरकार द्वारा जारी तीन अध्यादेशों के विरोध में किसान,व्यापारी और मंडी मजदूरों द्वारा चलाये जा रहे आंदोलन के समर्थन में प्रदेश कांग्रेस के आह्वान पर जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा पूर्व मंत्री हरमोहिंद्र सिंह, पूर्व मंत्री अशोक अरोड़ा तथा लाडवा के विधायक मेवा सिंह के नेतृत्व में जिला के कांग्रसी कार्यकर्ताओं ने लघु सचिवालय पर प्रदर्शन किया और नगरधीश के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन देकर राष्ट्रपति से अपील की गई कि संसद में पारित इन अध्यादेशों के बिल स्वीकृति प्रदान न करें। कांग्रेसी कार्यकर्ता पंचायत भवन पर एकत्रित हुए और वहां से सरकार के विरुद्ध नारेबाजी करते हुए लघु सचिवालय पर पहुंचे।

प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए वरिष्ठ कांग्रेसी नेता एवं पूर्व मंत्री अशोक अरोड़ा ने कहा कि यदि राष्ट्रपति इन विधेयकों पर हस्ताक्षर करके इन्हें कानूनीजामा पहनाते हैं तो यह कानून देश के किसानों,मंडी के आढ़तियों और मंडी मजदूरों के लिये डेथ वारंट साबित होगा। केंद्र में सत्तारुढ़ भाजपा सरकार किसान विरोधी यह कानून बनाकर किसानों देश के बड़े बड़े पूंजी पतियों के चंगुल में फंसाने का षड्यंत्र रच रही है।

इन विधेयकों में किसानों की फसल मंडी से बाहर बिक्री पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर बिकने की कोई गारंटी नहीं दी गई है। इस कानून से मंडी सिस्टम खत्म हो जाएगा और मंडी से बाहर बड़े बड़े पूंजीपति और बड़ी कंपनियां किसानों की फसलो को औने पौने दामों पर खरीदेगी,जिससे पहले ही कर्जे में डूबा कृषक वर्ग तबाह हो जाएगा।

इसी के साथ साथ मंडी के आढ़ती उनकी दुकान पर काम करने वाले मुनीम,मंडी मजदूर सब बेकार हो जाएंगे और इनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो जाएगा। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार सत्ता के नशे में चूर है। संसद से सड़क इन अध्यादेशों का पुरजोर विरोध होने के बावजूद राज्यसभा में गलत दिवस जिस प्रकार से दो अध्यादेशों को जबरदस्ती पारित किया,वह भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में काला दिन कहा जाएगा।

अरोड़ा ने कहा कि कांग्रेस इस संघर्ष में देश के अन्नदाता के साथ और हरियाणा में किसी भी कीमत पर इन किसान विरोधी कानूनों के लागू नहीं होने दिया जाएगा । प्रदेश के उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला पर सीधा हमला बोलते हुए अरोड़ा ने कहा कि किसानों के नाम पर और भाजपा के विरोध में वोट मांग कर ये लोग सत्ता के लालच में भाजपा की गोदी में जा बैठे हैं और किसान हितैषी होने का ड्रामा रच रहे हैं।

उन्होंने कहा कि यदि जजपा के नेता अपने आप को चौधरी देवीलाल का अनुयायी औ किसानों का हितैषी मानते हैं तो उन्हें सत्ता का मोह त्याग कर भाजपा का साथ छोड़ देना चाहिये। उन्होंने कहा कि जजपा के कुछ विधायक किसान आंदोलनों में शामिल होकर केवल घडिय़ाली आंसू बहा रहे हैं,जबकि 20 सितंबर के किसान आंदोलन में प्रदर्शनकारी जजपा विधायकों के दोहरे चेहरे को पहचानते हुए कई जगह पर विरोध एवं नारेबाजी कर चुके हैं।

इस प्रदर्शन में कांग्रेस प्रदेश महासचिव पवन गर्ग, युवा कांग्रेसी नेता गगनजोत संधू, प्रदेश संगठन सचिव सुभाष पाली,इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के पूर्व चेयरमैन जलेश शर्मा, युवा कांग्रेस जिला अध्यक्ष हरप्रीत चीमा,अमित शर्मा, वीरेंद्र रोहिला, जसबीर जैनपुर, जंगशेर बुड्ढा, विनोद गर्ग, बाल किशन,

पार्षद नरेंद्र शर्मा,पूर्व पार्षद विवेक मेहता विक्की,शाहाबाद नगर पालिका पूर्व चेयरमैन हरीष कवातरा,ओमप्रकाश हथीरा,पवन चौधरी,जिप की पूर्व उपाध्यक्ष सुनीता नेहरा,महिला कांग्रेस पूर्व जिला प्रधान निशी गुप्ता,प्रवेश राणा, नीलम बड़ौंदा, सुनीता बतान,सुभाष हुड्डा,रणबीर बुरा और चंद्रभान बाल्मीकी सहित कई स्थानीय कांग्रेसी नेता एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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