कोंग्रेसियों ने हॉकर का हमदर्द बन जब बढ़ाया दर्द, तब भाजपा ने…

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Alive News : कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में रैली निकालकर विधानसभा चुनाव का बिगुल फूंका. राहुल ने 15 किमी का रोड शो किया. इस दौरान कांग्रेस के दिग्गज नेता समेत बड़ी तादाद में कार्यकर्ता मौजूद रहे. लेकिन इस भीड़ के बीच अखबार बेचने वाला बच्चा कौशल शाक्य सुर्ख़ियों में आ गया|

कौशल की खुद्दारी राहुल को पसंद आई. उन्होंने कौशल की पढ़ाई का खर्च उठाने की घोषणा कर दी और हर माह एक हजार रुपये पढऩे के लिए देने का वादा किया. राहुल के आदेश पर मध्यप्रदेश कांग्रेस नेताओं ने कौशल का एडमिशन राजीव गांधी हायर सेकंडरी स्कूल में करा दिया. एक साल तक कौशल को राहुल गांधी से एक हजार रुपये मिलते रहे, लेकिन बाद में यह मदद बंद हो गई. जब यह खबर मंत्री स्मृति ईरानी को लगी तो उन्होंने कौशल का एडमिशन केंद्रीय विद्यालय में करा दिया. बाद में कांग्रेस नेता इस मुद्दे को लेकर विवाद पर उतर आए. कुछ समय बाद कौशल की पढ़ाई का मामला ठंडे बस्ते में चला गया.

अब जब राहुल गांधी दोबारा भोपाल आए तो कौशल उनसे मिलने की कोशिश करता रहा, लेकिन एसपीजी के कारण वह मिल नहीं सका. बाद में यह मुद्दा बीजेपी ने जमकर उठाया. मध्यप्रदेश बीजेपी के प्रवक्ता डॉ नरोत्तम मिश्रा ने प्रेस कांग्रेस कर कहा कि, “राहुल गांधी, आरोपों की राजनीति करते हैं और बीजेपी विकास की बात करती है. भोपाल यात्रा के उनके सम्बोधन में कोई दृष्टि और संकल्प नहीं है.मिश्रा ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी अखबार बेचने वाले एक गरीब नाबालिग बच्चे से उसे पढ़ाने का वादा भी पूरा नहीं कर सके.

राहुल का शो एक पूरा प्रायोजित कार्यक्रम था, कार्यक्रम में जो प्रश्न आये थे वो पूछे ही नहीं गये थे. उन्होंने आगे कहा कि राहुल, जहां भी गये वहां कांग्रेस की सरकार नहीं बनी. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में हम लगातार जीत रहे हैं और चौथी दफा भी विजयी होगें तथा प्रदेश में भाजपा की सरकार बनायेगेंदरअसल, 2013 में जब राहुल गांधी भोपाल आए थे तब उन्होंने अखबार बेचने वाले नाबालिग कौशल शाक्य को पढ़ने के लिये मदद करने का वादा किया था. राहुल ने उससे पूछा था कि तुम पढऩे जाते हो. इस पर कौशल ने कहा कि उसके पास इतने पैसे नहीं कि वो पढ़ सके. यह सुन राहुल ने जेब से 1000 रुपये का नोट उसे दिया, पर कौशल ने सिर्फ एक रुपये मांगा, वो भी अखबार का. उसने 1000 रुपये का नोट लेने से मना कर दिया.

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