गरीबों के निवाले पर डिपो होल्डरों का डाका

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डिपो होल्डरों पर नहीं हो रही कार्यवाही, राशन के लिए भटक रहे लोग

Poonam Chauhan/Alive News
फरीदाबाद : फूड एंड सप्लाई डिपार्टमेंट के आला अधिकारी और डिपो होल्डर मिलीभगत कर गरीबों के निवालों को डकारने में लगे है। शहर में लगभग 2,49,004 राशनकार्ड धारक मौजूद है, जिनमें से अधिकतर लोगों को सरकार की तरफ से आने वाला राशन नहीं मिल रहा है। आपको बता दें शहर में 676 डिपो होल्डर हैं फिर भी लोगों को राशन के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है ऐसे में सोचने वाली बात यह है कि गरीबों का राशन आखिर जा कहां रहा है? इतना ही नहीं कुछ लोगों का राशनकार्ड भी डिपो होल्डरों के पास ही जमा है, जिसे वह लोंगों को देने को तैयार नहीं है।

ऐसी स्थिति किसी एक डिपो की नहीं बल्कि शहर के अधिकांश डिपो होल्डरों की है। सरकार की तरफ से लोगों को राशनकार्ड के नाम पर मात्र लोलीपॉप थमा दिया गया है, क्योंकि लोगों को कई माह बीत जाने के बाद भी राशन नहीं मिल रहा है। डिपो होल्डरों द्वारा राशन की बजाए मात्र स्लीप ही दी जा रही है राशन कब आएगा पता नहीं। इतना ही नहीं जहां राशन दिया भी जा रहा है वहां सदस्यों की संख्या के अनुसार नहीं बल्कि डिपो होल्डर की मर्जी के हिसाब से ही दिया जा रहा है।

– कहां जा रहा गरीबों का राशन
एक डिपो होल्डर गेहूं 2 रूपए किलोग्राम के हिसाब से विभाग से उठाता है। लेकिन गेहूं की बाजार कीमत 14 रूपए प्रति किलोग्राम है। विभाग अधिकारी और डिपो होल्डरों की मिली भगत से गरीबों में बंटने वाले गेहूं को एक माह की बजाए 4 से 5 माह में बांटा जा रहा है। सुत्रों का कहना है कि बचे हुए गेहूं को बाजार में बेचा जा रहा है, जिससे उन्हे मोटी रकम मिल रही है। इस खेल में कई डिपो होल्डर भी शामिल है।

– नहीं मिल रही स्लिप
नाम न छापने की एवज में जीवन नगर गोंछी के लोगों ने संयुक्त रूप से कहा कि सरकार द्वारा गेहूं, चावल, चीनी व दाल इत्यादि खाद्यय सामग्री दी जा रही है लेकिन उनका डिपो होल्डर मात्र गेहूं देकर ही उन्हे बेहका देता है। उनकी शिकायत यह भी थी कि डिपो होल्डर उनको राशन कम देता है, इतना ही नहीं आधार से लिंक के नाम पर पैसे की डिमांड होती है।

वहीं श्याम कॉलोनी नहरपार के लोगों का कहना है कि हमारे राशनकार्ड डिपो होल्डर अपने पास रखता है। उनका यह भी कहना है कि लोगों को स्लीप तो मिल जाती है लेकिन राशन नहीं मिलता। वहीं पल्ला शिव कालोनी के रहने वाले रामनाथ ने बताया कि पिछले एक साल से डिपो होल्डर ने उनका राशन कार्ड अपने पास रखा हुआ है जोकि उन्हे वापिस नहीं देता है। उन्होंने बताया कि डिपो होल्डर द्वारा यहां राशन को ब्लैक में बेचा जाता है, जिससे कार्डधारकों को राशन नहीं मिलता है।

– क्या कहते है लोग
डबुआ की शिवदेई का कहना है कि पिछले 5 से 6 महीने से राशन नहीं मिला है। राशन के लिए डिपो होल्डर के घर चक्कर काटकर थक चुकी हूं। एनआईटी
के 5-नम्बर दफ्तर में पता करने पर अधिकारी कहते हैं कि अभी जब फोर्म जमा हो जाऐंगे तो 3 से 4 महीने बाद राशन मिलेगा। वहीं विजय कुमार, बनेश्वर शर्मा, ब्रिजबाला और शीला देवी का संयुक्त रूप से कहना है कि बहुत से लोगों का नाम काटा जा चुका है और लोगों को परेशान किया जा रहा है। राशन भी पूरा नहीं मिलता है। इतना ही नहीं हमारा डिपो होल्डर लोगों से बदतमीजी से पेश आता है और अंजाम भुगतने की बात करता है। राशन मांगने पर सरकार से जाकर लेने को कहता है। उन्होंने बताया कि लोग काफी परेशान है लेकिन खुलकर सामने नहीं आना चाहते है। उन्होंने कहा कि डिपो होल्डर के खिलाफ कई बार शिकायत की जा चुकी है लेकिन पुलिस और अधिकारियों से मिलीभगत होने के कारण पिछले 25 से 30 सालों से डिपो इसी के पास है और कोई कार्यवाही नहीं होती है। लोग काफी परेशान है लेकिन कहीं कोई सुनवाई नहीं है।

– शहर में डिपो होल्डरों की संख्या
बल्लभगढ़                                                   77
बल्लभगढ़ फरीदाबाद                                  183
फरीदाबाद                                                   170
एनआईटी                                                   246
कुल                                                            676

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