# मानव रचना इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ रिसर्च एंड स्टडीज के फैकल्टी ऑफ मीडिया स्टडीज एंड ह्यूमैनिटीज डिपार्टमेंट की ओर से नेशनल मीडिया कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया। वरिष्ठ पत्रकार प्रभु चावला कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रहे। इस दौरान फेक न्यूज के प्रभाव और चुनौतियों पर चर्चा की गई। फैकल्टी ऑफ मीडिया स्टडीज एंड ह्यूमैनिटीज की डायरेक्टर डॉ. नीमो धर ने सभी का कार्यक्रम में स्वागत किया। छात्रों में भी खूब उत्साह देखने को मिला।

प्रभु चावला ने अपने सेशन के दौरान कहा कि, मीडिया में रहते हुए न किसी से डरें और न ही किसी का पक्ष लें। उन्होंने कहा, जब सोशल मीडिया की शुरुआत हुई थी तो किसी ने यह नहीं सोचा था कि उसका इस्तेमाल इस तरह से किया जाएगा, लेकिन आज इसका दुरुपयोग ज्यादा किया जा रहा है। फेक न्यूज का सबसे बड़ा सोर्स बढ़ता तकनीक का इस्तेमाल मीडिया है, जो कि मीडिया के लिए मॉन्स्टर बन गया है। उन्होंने सभी छात्रों को सलाह दी आगे जाकर जब भी कोई स्टोरी करें सूचना हर जगह से लें, लेकिन उसके क्रॉस चेक जरूर करें।

पहले सेशन में ‘Truth in the time of Fake News’ पर चर्चा की गई, जिसमें राज्य सभा टीवी के एडिटर इन चीफ राहुल महाजन, टाइम्स ऑफ इंडिया के सीनियर एडिटर प्रदीप बागची, इंडिया न्यूज के ग्रुप मैनेजिंग एडिटर राणा यशवंत, ऑथर और कॉलमनिस्ट सबा नक़वी, डेमोक्रेसी न्यूज लाइव के एडिटर इन चीफ रोहित गांधी पेनलिस्ट रहे।

दूसरे सेशन में ‘Fake News and Social Media’ पर चर्चा की गई , आईआईएमसी के डीजी केजी सुरेश, पंचजन्या वीकली के एडिटर हितेश शंकर, हिंदुस्तान टाइम्स के एडिटर एट लार्ज राजेश महापात्रा, और मणिपुर सीएम के प्रिंसिपल एडवाइजर रजत सेठी मौजूद रहे।

मौके पर नेशनल मीडिया कॉन्क्लेव की सौवेनीर का विमोचन भी किया गया। इस दौरान एमआरआईआईआरएस के वीसी डॉ. एनसी वाधवा, मानव रचना के ट्रस्टी डॉ. एमएम कथूरिया भी मौजूद रहे।

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