क्या आप जानते है, गाड़ियों में लगी अलग-अलग रंग की नंबर प्लेट्स का मतलब?

0
84

New Delhi/Alive News : सड़क पर सफेद रंग की नंबर प्लेट वाली गाड़ी देख कर आप आसानी से अंदाजा लगा लेते हैं की यह पर्सनल गाड़ी है, जबकि पीली रंग की नंबर प्लेट से भी पता लग जाता है की यह टैक्सी है। लेकिन इनके अलावा भी कुछ अलग-अलग रंग की नंबर प्लेट्स होती हैं। अलग अलग नंबर प्लेट का अलग अलग मतलब होता है जिसके बारे में हम अपनी इस खबर में आपको जानकारी दे रहे हैं। जानिए हर रंग की नंबर प्लेट्स का क्या होता है मतलब।

लाल रंग की नंबर प्लेट

अगर किसी गाड़ी में लाल रंग की नंबर प्लेट लगी मिले तो समझ जाना चाहिए कि वह गाड़ी भारत के राष्ट्रपति या फिर किसी राज्य के राज्यपाल की है। जानकारी के लिए आपको बता दें कि इस प्रकार की गाड़ियों में लाइसेंस संख्या की जगह “भारत के प्रतीक” (Emblem of India) का इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन ध्यान देने वाली बात यह है कि प्रधानमंत्री की कार की नंबर प्लेट सफेद रंग की ही होती है।

नीले रंग की नंबर प्लेट

नीले रंग की नंबर प्लेट एक ऐसे वाहन को मिलती है जिसका इस्तेमाल विदेशी प्रतिनिधियों द्वारा किया जाता है। इनकी गाड़ियों पर काले रंग की जगह सफ़ेद रंग से नंबर लिखा जाता है। इनकी प्लेट पर “प्रदेश” के कोड की जगह जिस देश की ये गाड़ियां होती हैं उस देश के कोड को लिखा जाता है। इस प्रकार की प्लेटों का प्रयोग विदेशी दूतावासों या विदेशी राजनयिकों द्वारा किया जाता है।

सफेद रंग की नंबर प्लेट

सफेद रंग की नंबर प्लेट जिस पर काले रंग से नंबर लिखे होते हैं वो पर्सलन गाड़ी होती है और इनका इस्तेमाल कमर्शियली नहीं किया जा सकता है।

पीले रंग की नंबर प्लेट

पीले रंग की नंबर प्लेट पर काले रंग से नंबर लिखा हो तो समझ लेना चाहिए कि ऐसी गाड़ी का इस्तेमाल केवल कमर्शियली ही होता है। इस प्रकार के रंग की नंबर प्लेट आपने ट्रक/ टैक्सी इत्यादि में देखी होगी (जैसे उबर,ओला कैब या ट्रक और बसें)। लेकिन इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए कि इस पीले रंग की नंबर प्लेट की गाड़ी चलाने के लिए भी आपके पास कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस का होना भी अनिवार्य है।

काले रंग की नंबर प्लेट

जिन कारों में काले रंग की नंबर प्लेट होती है और उस पर पीले रंग से नंबर लिखा गया है, तो इस प्रकार के वाहनों का मालिक एक आम इंसान ही होता है। लेकिन इन गाड़ियों का प्रयोग कमर्शियल उद्देश्यों के लिए किया जा सकता है। इस प्रकार का वाहन चलाने के लिए ड्राईवर के पास कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस होना जरूरी नहीं है।

तीर (arrow) वाली नंबर प्लेट:

किसी भी अन्य लाइसेंसी नंबर प्लेट के विपरीत सैन्य वाहनों के लिए एक अलग तरह की नंबरिंग प्रणाली का इस्तेमाल किया जाता है। इन सैन्य वाहनों के नंबर को रक्षा मंत्रालय, नई दिल्ली के द्वारा आवंटित किया जाता है। ऐसी गाड़ियों की नंबर प्लेट में नंबर के पहले या तीसरे अंक के स्थान पर ऊपरी ओर इशारा करते हुए तीर का निशान होता है, जिसे ब्रॉड एरो कहा जाता है। ब्रिटिश कॉमनवेल्थ के कई हिस्सों में इसका इस्तेमाल किया जाता है। तीर के बाद के पहले दो अंक उस वर्ष को दिखाते हैं जिसमें सेना ने उस वाहन को खरीदा था। यह नम्बर 11 अंकों का होता है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here