अब ड्राइविंग लाइसेंस बनाना नहीं होगा आसान, 11 जिलों में लगाए जाएंगे आटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक

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manohar
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Chandigarh/Alive News: अब डीएल बनाना आसान नहीं होगा। वाहन चलाने में दक्ष होने पर ही लाइसेंस बनेगा। सरकार 11 जिलों कैथल, झज्जर के बहादुरगढ़, रोहतक, फरीदाबाद, नूंह, भिवानी, करनाल, रेवाड़ी, सोनीपत, पलवल और यमुनानगर में आटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक बनाने जा रही है। इन कंप्यूटरीकृत मशीनों से ड्राइविंग स्किल्स का टेस्ट लिया जाएगा और लाइसेंस बनवाने वालों को किसी दलाल के पास जाने की जरूरत नहीं होगी। इसके लिए कुल 30 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

वाणिज्यिक वाहनों की ओवरलोडिंग भी भ्रष्टाचार का मुख्य कारण है, इस पर अंकुश लगाने के लिए सड़कों पर पोर्टएबल धर्मकांटे लगाएंगे, जिससे वाहन चालक को भी पता नहीं लगेगा कि कब उसके वाहन के वजन का तोल हो चुका। उन्होंने कहा कि इसके लिए 45 पोर्टएबल धर्मकांटे खरीद लिए गए हैं। इनकी सफलता के बाद पूरे प्रदेश में और भी पोर्टएबल धर्मकांटे लगाए जाएंगे। आगे से वाणिज्यिक वाहनों की चेकिंग व पासिंग करने वाले वाहन निरीक्षक के शरीर पर कैमरे लगाए जाएंगे, जिससे सारी कार्रवाई रिकॉर्ड की जाएगी और इसकी निगरानी मुख्यालय स्तर पर होगी। कैमरे में बातचीत की पूरी रिकॉर्डिंग उपलब्ध रहेगी।

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