Faridabad/Alive News : केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के डायरेक्टर ने कहा है कि निजी स्कूलों की फीस वृद्धि, अन्य मनमानियों को रोकने के लिये हरियाणा सरकार पूरी तरह से सक्षम है। निजी स्कूलों को सीबीएसई की मान्यता तभी मिलती है, जब राज्य का शिक्षा विभाग उन्हें एनओसी प्रदान करता है। एनओसी की शर्तों में साफ लिखा होता है कि हरियाणा शिक्षा नियमावली के नियमों का उल्लंघन सही पाये जाने पर एनओसी वापिस ले ली जायेगी। ऐसी हालत में स्कूलों को दी गई सीबीएसई की मान्यता स्वत: ही समाप्त हो जायेगी। यह बातें डायरेक्टर एफिलिएशन ने हरियाणा अभिभावक एकता मंच के प्रतिनिधि मंडल को उस समय कही जब मंच का एक प्रतिनिधि मंडल शुक्रवार को उनसे मिला। मंच के जिला अध्यक्ष एडवोकेट शिवकुमार जोशी ने प्रेस को जारी बयान ने बताया कि सीबीएसई के बुलावे पर मंच का एक प्रतिनिधि मंडल प्रदेश महासचिव कैलाश शर्मा के नेतृत्व में जिला सचिव गुडग़ांव रामफल श्योराण, जिला सचिव फरीदाबाद, डॉ मनोज शर्मा, जिला सचिव करनाल नवीन कुमार के साथ चैयरमेन सीबीएसई से मिला। चैयरमेन सीबीएसई ने प्रतिनिधि मंडल से कहा कि वे अपनी मांगों का ज्ञापन और पैरन्टस् एसोसिएशन की सभी शिकायतें डारेक्टर ऐफीलिएशन को देकर उनसे बातचीत करें और अगर वहां समस्या का समाधान न हो तो वे चैयरमेन सीबीएसई से सम्पर्क करें। इस पर प्रतिनिधि मंडल ने डायरेक्टर एफीलिएशन से मुलाकात करके फरीदाबाद, गुडग़ांव व करनाल के 10 निजी स्कूलों द्वारा किये जा रहे सीबीएसई नियमों के उल्लंघन व अन्य मनमानियों की सबूतों के साथ जानकारी देकर जांच करने की मांग की। बातचीत के दौरान डायरेक्टर एफिलिएशन ने कहा कि हरियाणा के निजी स्कूलों की मनमानियों की सबसे ज्यादा शिकायत सीबीएसई के पास आती हंै। अभिभावकों की अधिकांश शिकायतों का समाधान हरियाणा का शिक्षा विभाग कर सकता है क्योंकि वह ही स्कूलों को एनओसी देता है। मंच की बात सुनने के बाद डायरेक्टर ने मंच को आश्वस्त किया कि जिन 10 स्कूलों की पैरन्ट्स एसोसिएशन ने हरियाणा अभिभावक एकता मंच के माध्यम से ज्ञापन/मांगपत्र व निजी स्कूलों की मनमानी की शिकायत उन्हें दी है, वे इसकी जांच करायेंगे। मंच ने डायरेक्टर को याद दिलाया कि जनवरी 15 में भी फरीदाबाद के 4 निजी स्कूल एमवीएन 17 व अरावली, एपीजे, व मार्डन की भी मनमानी की जांच सीबीएसई ने कराई थी लेकिन आज तक जांच रिर्पाट सार्वजनिक नहीं की गई है। मंच ने आरटीआई लगाकर जांच रिपोर्ट की कापी मांगी है।

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