कूड़ेदान चरागाह, सड़क आशियाना, फिर भी अवार्ड

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Faridabad/Alive News: फरीदाबाद को स्मार्ट सिटी का तमगा तो मिल गया है परंतु फरीदाबाद स्मार्ट सिटी बनने से अभी कोसों दूर है। फरीदाबाद इन दिनों आवारा व बेसहारा जानवरों का गढ़ बन चुका है। फरीदाबाद में जगह-जगह चौक चौराहे पर बेसहारा गाय और नंदी ने अपना डेरा जमा रखा है। यह बेसहारा जानवर गलियों में ही नहीं अपितु मुख्य सड़कें व राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी देखने को मिलती है।

सड़क किनारे पड़े कूड़े के ढेर बने चरागाह


यह बेसहारा गोवंश सड़कों के किनारे पड़े कूड़े के ढेर को अपना आहार बनाती हैं जिनमें पॉलिथीन इत्यादि आदि चीजें भी शामिल रहती है। जो इन बेसहारा गोवंश की मृत्यु का कारण बनती है। आपको बता दें कि फरीदाबाद में लगभग 10 से ज्यादा गौशाला हैं जिनमें सरकारी गौशाला भी शामिल है फिर भी यह गोवंश सड़कों के किनारे रहती है और वही अपना भरण पोषण करती हैं।

बनती है दुर्घटना का कारण


यह बेसहारा गोवंश रोजाना दुर्घटना का कारण बनती है। पिछले 2 वर्षों में इन बेसहारा गोवंश की वजह से पूरे हरियाणा में 241 लोगों ने अपनी जान गवा दी। यह वह सरकारी आंकड़े हैं जो पुलिस के रिकॉर्ड में दर्ज है इसके अलावा और भी ऐसे मामले हैं जिनमें इन बेसहारा पशुओं की वजह से‌ लोगों ने अपनी जान गवाई है।

“गौ संवर्धन व गौ संरक्षण” में सरकार के दावे रहे खोखले


मनोहर सरकार ने अपनी सत्ता की पहली पारी 2015 के प्रारंभ में “गौ संवर्धन व गौ संरक्षण” कानून बनाया था जिसके अंतर्गत सभी शहरों में गौ सेवा आयोग का गठन किया गया जिसका उद्देश्य गोवंश की रक्षा करना था। सरकार दो बार दावा कर चुकी हैं कि हरियाणा के शहर बेसहारा गोवंश से मुक्त है और फरीदाबाद के पूर्व डीसी समीर पाल सरो भी शहर को बेसहारा गोवंश मुक्त करने के लिए अवार्ड ले चुके हैं, परंतु फरीदाबाद की तस्वीर सरकार के दावों से बिल्कुल उलट है। फरीदाबाद में अब तक 2 लोग बेसहारा गोवंश की वजह से अपनी जान गवां चुके हैं, और न जानें कितने लोग इनकी वजह से जख्मी होते होंगे।

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