अब संस्कृत के छात्र बन सकेंगे इंजीनियर और डॉक्टर, नया करिकुलम रेडी

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Lucknow/Alive News : संस्कृत के छात्र अब दुनिया से कदमताल करेंगे। इन विद्यालयों में पढ़ाई का ढर्रा बदलेगा। पुरोहित-शिक्षक ही नहीं यहां के विद्यार्थी इंजीनियर व डॉक्टर भी बन सकेंगे। माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद ने नया पाठ्यक्रम तैयार कर लिया है।

जनवरी में गठित पांच सदस्यीय कमेटी ने संस्कृत बोर्ड के छात्रों का नया पाठ्यक्रम तैयार कर लिया है। इसे मंजूरी के लिए शासन को भेजा जाएगा। इंटर की पढ़ाई तीन वर्गो में विभाजित कर दी गई है। उत्तर मध्यमा प्रथम (कक्षा 11) व उत्तर मध्यमा द्वितीय (कक्षा 12) में कला, विज्ञान व वाणिज्य वर्ग का गठन होगा। वर्तमान पाठ्यक्रम में संस्कृत के साथ गणित, विज्ञान वैकल्पिक विषय के तौर पर शामिल हैं। ऐसे में संस्कृत बोर्ड के छात्र भी विज्ञान वर्ग से पढ़ाई कर इंजीनियरिंग व मेडिकल के क्षेत्र में जा सकेंगे।

वर्तमान पाठ्यक्रम में कक्षा छह से आठ (प्रथमा) व कक्षा नौ और दस (पूर्व मध्यमा) तक अंग्रेजी वैकल्पिक विषय में शामिल है। वहीं नए पाठ्यक्रम में कक्षा छह से 10 तक अंग्रेजी, विज्ञान अनिवार्य विषय किया गया है। वहीं अंग्रेजी के अंक जोड़ने का फैसला किया गया है। कंप्यूटर व पर्यावरण दो नए विषय भी सम्मिलित किए गए हैं। कंप्यूटर शिक्षा से छात्र डिजिटल तकनीकी से जुड़ सकेंगे।

फैक्ट फाइल
राज्य में करीब एक हजार संस्कृत विद्यालय हैं
लखनऊ मंडल में 48 व शहर में पांच विद्यालय हैं
गत वर्ष 99 हजार छात्रों ने दी थी बोर्ड परीक्षा
शासन से जल्द नए पाठ्यक्रम पर लग सकती है मुहर।

क्या कहते हैं जिम्मेदार ?

वर्तमान पाठ्यक्रम में कक्षा 11 में तीन अनिवार्य विषय, 51 वैकल्पिक विषय हैं। ऐसे ही कक्षा 12 में भी तीन अनिवार्य व 51 वैकल्पिक विषय हैं। कक्षा छह से आठ तक तीन अनिवार्य विषय व 20 वैकल्पिक विषय है। वहीं कक्षा नौ में तीन अनिवार्य व 37 वैकल्पिक विषय हैं। कक्षा 10 में भी तीन अनिवार्य व 37 वैकल्पिक विषय हैं। ऐसे में कुल 15 अनिवार्य व 196 के करीब वैकल्पिक विषय हैं। वहीं नए पाठ्यक्रम में विषयों की सूची सौ के अंदर होगी। कारण, इसमें कई विषयों को हटा दिया गया, वहीं कई को एक कर दिया गया। मसलन, संस्कृत गद्य व और संस्कृत पद्य काव्य को एक विषय कर दिया गया।

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