यूजीसी की नई गाइडलाइन के बाद फाइनल ईयर के विद्यार्थी असमंजस में

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Faridabad/Alive News: यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन ने सोमवार को रिवाइज्ड गाइडलाइन जारी कर स्टूडेंट्स को असमंजस की स्थिति में डाल दिया है। जहां यूजीसी की कमिटी ने फाइनल ईयर की परीक्षा रद्द करने की सिफारिश की थी वही अब यूजीसी ने इस सिफारिश को रद्द कर एक बार फिर से एग्जाम देने की कवायद शुरू कर दी है।

दरअसल, यूजीसी ने सोमवार को आपात बैठक कर फैसला किया कि विवि एवं संस्थानों को सितंबर आखिर तक परीक्षाएं करनी होगी। यूजीसी ने इसके बाद हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति की अगुवाई में एक उच्च स्तरीय कमेटी गठित की थी। जिसकी रिपोर्ट के बाद यूजीसी बोर्ड ने यह फैसला लिया है। यूजीसी के अनुसार अंतिम सेमेस्टर की परीक्षाएं अनिवार्य हैं। पत्र में लिखा गया है कि फाइनल टर्म की परीक्षाएं बहुत जरूरी हैं, इसलिए स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा मंजूर एसओपी के तहत परीक्षाएं कराईं जाएंगी।

दाखिले में होंगी परेशानी
देश भर के लगभग सभी यूनिवर्सिटीज में एडमिशन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, ऐसे में वो बच्चें जो अपनी आगे की पढ़ाई जारी रखना चाहते उनके लिए दाखिले में बच्चों को परेशानियों को सामना करना पड़ सकता है। दाखिले के समय विद्यार्थियों को अपनी फाइनल मार्कशीट जमा करानी होती है, ऐसे में एग्जाम ही अगर सितम्बर के अंत में होंगे तो अगले सत्र की पढ़ाई में परेशानी आ सकती है।

बीच में फंस कर रह गए है विद्यार्थी
हरियाणा, पंजाब जैसे राज्यों की राज्य सरकार ने टर्मिनल सेमेस्टर की परीक्षा रद्द कर इंटरमीडिएट सेमेस्टर की तरह विद्यार्थियों को पास करने के आदेश दिए थे, परन्तु यूजीसी की नई गाइडलाइन से फाइनल ईयर के विद्यार्थी असमंजस में है, क्योंकि इन राज्यों की यूनिवर्सिटी ने विद्यार्थियों का रिजल्ट बनाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। ऐसे में आगे राज्य सरकारें क्या कदम उठाती है, यह देखने वाली बात होगी।

फाइनल ईयर के विद्यार्थी असमंजस में ना रहे। सभी बच्चें एग्जाम की तैयार करें। जो विद्यार्थी दाखिले को लेकर परेशान है, उनको भी टेंशन लेने की आवश्यकता नहीं है, केंद्र सरकार इसके लिए प्रयासरत है।
– जगदीश चौधरी, शिक्षाविद

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