गीता जयंती में विकास के नाम पर करोडो डकार गई सरकार : गर्ग

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पवन गर्ग की अगुवाई में गीता केंद्र के लिए एक दिवसीय सांकेतिक धरने का आयोजन

Kurukshtra/Alive News : पुलिस थाने को खाली कराकर जल्द से जल्द गीता केंद्र को पुन: स्थापित करना चाहिए। जिसको लेकर सरकार व केडीबी को 26 जनवरी का समय दिया जा रहा है। अगर सरकार इस बाबत चेती नहीं तो तयसीमा के बाद गीता प्रेमियों के साथ मिलकर कार्य करेंगे। यह कहना था हरियाणा कांग्रेस कमेटी के महामंत्री पवन गर्ग की अगुवाई में आयोजित ब्रह्मसरोवर तट के पास आदर्श थाना के बाहर सांकेतिक धरने में उपस्थित गीता प्रेमियों को सम्बोधित कर रहे थे। इससे पहले महामंत्री पवन गर्ग राहुल गांधी को कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष बनाएं जाने को स्वागत किया। महामंत्री पवन गर्ग ने कहा कि इससे कांग्रेस पार्टी को मजबूती मिलेंगी और नेतृत्व पर कांग्रेस पार्टी नई नीत ऊंचाईयों को छूऐंगी।

महामंत्री पवन गर्ग ने सांकेतिक धरने में उपस्थित गीता प्रेमियों को सम्बोधित करते हुए बताया कि सरकार ने गीता की महत्ता को देखते हुए केडीबी का गठन किया था। जिसके बाद केडीबी द्वारा ब्रह्मसरोवर के आस-पास की जमीन किसानों से 50 लाख रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से खरीदी थी। लेकिन सरकार व केडीबी की मिलीभगत ही है कि एक उद्देश्य मेला ग्राउंड के लिए ली गई जमीन को पूजनीय संत ज्ञानानंद जी महाराज की संस्था को कौडियों के भाव में 9 एकड़ प्रति 5 लाख रुपये में गीता शोध केंद्र बनाने के लिए बेच दी।

वहीं बताना चाहूंगा कि ब्रह्मसरोवर के तट पर गीता केंद्र तत्कालिन महामहिम राज्यपाल महावीर प्रसाद के कार्यकाल में 1 दिसम्बर 1995 को आरंभ किया था। उन्होंने बताया कि वहां पर इस प्रकार से काम चल रहा है कि जैसे किसी  कब्जे पर काम चल रहा हो। दिन रात कारीगर उक्त कब्जे को पूरा करने में जुटे हुए है। उन्होंने बताया कि इसके पीछे सरकार व केडीबी अधिकारियों की देन है जिसमें उन्हीें के जानकार को केडीबी का सचिव बनाया गया जिसने बाद में उक्त 9 एकड़ जमीन को संत को प्रदान करने में सहायता की। पवन गर्ग जी ने बताया कि मैं सरकार से पूछना चाहूंगा कि जब सरकार के पास अपना भव्य गीता केंद्र पहले से था तो नए केंद्र की क्या आवश्यकता है। सरकार को चाहिए कि जल्द से जल्द उक्त स्थान पर चल रहे पुलिस थाना को आजाद कर उसमें पुन: गीता केंद्र स्थापित करे जिससे गीता की सारगर्भिता भी बनी
रहे और दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं व गीता प्रेमी आचंभित नहीं होगे कि गीता केंद्र में पुलिस थाना चल रहा है जहां पर कंडम वाहन रखे हुए है। वहीं यह रखरखाव से भी अछूती दिख रही है।

साथ ही कार्यक्रम के दौरान भारतीय संसद पर 2001 में हुए आतंकी हमले की वर्षगांठ पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित कर दो मिनट का मौन भी रखा गया। इस मौके पर लक्ष्मीकांत शर्मा, मेहर सिंह, सतीश बतान, अमित गर्ग शैंकी एमसी, रायसाहब शर्मा, सुभाष पाली, जगदीप शर्मा, राजेश, रामपाल, उजागर सिंह, प्रो0 दलेल सिंह, दर्शन खन्ना, मुन्नी सरोहा, नीलम रानी, सत्या शर्मा, परवेश राणा, चौ0 कुलदीप सिंह, गोबिन्द, जगपाल सिंह, कमल, राजेश कुमार, डीके गुप्ता, राकेश अग्रवाल, जयपाल पांचाल, श्याना राम, पृथ्वी सिंह, प्रमोद कौशिक, रामकुमार गोयल, जयनारायण कौशिक, परिक्षीत मदान, विनोद सेखडी, रामकुमार मौदगिल, शमशेर कश्यप, करनैल, सुरेंद्र फौजी,  रामपाल शर्मा, रामफल वाल्मिीकि, पाला राम, राजकुमार, मनफूल सिंह एडवोकेट, संजीव कुमार, संतोष पांचाल, जयनारायण, रधुवीर सिंह, संजीव गौड, सुरेंद्र, मुल्तान, प्रयाग राज, सुरेंद्र गोयल, सतपाल, दीपक, समीर, जोनी, रत्तन सिंह, विष्णु, शयोराम, सतीश लाड़ी, ईश्वर चंद बंसल सहित अन्य गीता प्रेमियों व कार्यकताओं ने भाग लिया।

महामहिम राज्यपाल व राष्ट्रपति से करेंगे व्यक्तिगत मुलाकात – गर्ग
कांग्रेस कमेटी के महामंत्री पवन गर्ग ने बताया कि उन्होंने प्रदेश के महामहिम राज्यपाल व देश के राष्ट्रपति जी से व्यक्तिगत तौर पर मुलाकात
करेंगे और उन्हें सारी स्थिति व सच्चाई से अवगत कराऐंगे।

अंतर्राष्ट्रीय गीता जयंती पर नहीं दिखा नन्दा जी का पोस्टर,केवल सरकारी हार्डिंग्स में भी सीएम के साथ दिखाई दिए ज्ञानानन्द महाराज
सरकार व केडीबी को चेतावनी देते हुए महामंत्री पवन गर्ग ने कहा कि अभी हाल ही में सम्पन्न हुई अंतर्राष्ट्रीय गीता जंयती के अवसर पर सरकार द्वारा जगह-जगह पोस्टर व होर्डिंग्स लगाए गए लेकिन इनमें कहीं भी  तत्कालिन कुरुक्षेत्र निर्माता प्रधानमंत्री, सीएम व एमएलए का एक भी चित्र किसी भी होर्डिंग्स में नहीं दिखाई दिया जबकि लगे सरकारी होर्डिंग्स में मौजूदा सीएम के साथ ज्ञानानंद जी महाराज का चित्र सभी ने
देखा होगा। सरकार को पुराने लोगो का भी मान-सम्मान रखना चाहिए था।

केडीबी बताएं कितनी संस्थाओं ने भूमि के लिए आवेदन किए हुए है
महामंत्री पवन गर्ग ने केडीबी अधिकारियों से प्रश्र किया कि वे बताएं कि  अभी तक कितनी धार्मिक संस्थाओं ने केडीबी कार्यालय में भूमि अर्जन के लिए आवेदन दिए है। इससे केडीबी की कथनी व करनी में अंतर का पता चल जाएगा। उन्होंने बताया कि केडीबी ने राज्यपाल की 2016 में हुई बैठक के फैसले को नजरअंदाज कर संत विशेष को 9 एकड़ भूमि प्रदान कर दी जो कि केडीबी की विश्वसनीयता पर सवालियानिशान लगाती है।

पुराने समय के एमपी, एमएलए का पत्थर नहीं बल्कि भाजपा एमएलए का पत्थर दिख रहा चहुं ओर
मौजूदा धरने में कड़े स्वर में महामंत्री पवन गर्ग ने कहा कि जबकुरुक्षेत्र का विकास किया गया था और केडीबी का गठन किया गया था तब
तत्कालिन प्रधानमंत्री स्व. गुलजारी लाल नन्दा व एमएलए स्व. ओमप्रकाश गर्ग जी का कोई भी शिलान्यास पत्थर दिखाई नहीं दे रहा है। बल्कि केवल भाजपा के एमएलए सुभाष सुधा व उनकी पत्नी का ही नाम  पत्थरों पर दिख रहा है। इससे पहले के समाजसुधारकों को भी सरकार को स्मरण रखना चाहिए।

जयंती के नाम पर करोडो डकार लिए ब्रह्मसरोवर परिक्रमा के पत्थर आज भी टूटे हुए
पवन गर्ग ने सरकार पर आरोप लगाएं कि उन्होंने गीता जयंती के नाम पर करोड़ो डकार लिए लेकिन आज भी ब्रह्मसरोवर परिक्रमा के पत्थरों की स्थिति वैसी ही है जैसे जयंती से पहले थी यानि की टूटे पड़े पत्थर।
कुरुक्षेत्र के इतिहास को बदलना चाहती है मौजूदा सरकार
गर्ग जी ने मौजूदा सरकार व उनके एमएलए पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वे कुरुक्षेत्र के इतिहास को बदलना चाहते है। पुराने बुजूर्गाे के योगदान को आमजन के सामने नहीं लाना चाहते। जो कि सरासर गलत है।
अगर जरूरत पड़ी तो आरटीआई का भी सहारा लेंगे -गर्ग
गर्ग ने बताया कि अगर जरूरत पड़ी तो वे आरटीआई का सहारा लेंगे और केडीबी कार्रवाई की पूरी सच्चाई जनता के सामने रखेंगे। इससे दूध का दूध व पानी का पानी साफ हो जांएगा।

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