रब से मिली मुहब्‍बत की नजर है ईद

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Alive News : रमजान माह के बाद ईद उल फितर का त्‍यौहार जबरदस्‍त उत्‍साह और रौनक लेकर आता है। लोगों को इसका बेसब्री से इंतजार होता है। पाक माहे रमजान के बाद इस पर्व को काफी धूमधाम से मनाया जाता है। इस द‍िन सभी लोग नए कपड़े पहन कर गले म‍िलते हैं। एक दूसरे को ईद की मुबारक बाद देते हैं। इसके अलावा इस खास द‍िन पर घरों में अच्‍छे-अच्‍छे पकवान भी बनाए जाते हैं। इसके बावजूद सही मायने में देखा जाए तो ईद का मतलब अच्छे-अच्छे कपड़े पहन कर अपने आपको संवार लेना नहीं है, बल्‍क‍ि ईद का मतलब है गुनाहों के चलते रब की सजा और पकड़ से बचना। यानि ईद का अर्थ है क‍ि वह खुशी जो बार-बार लोगों की ज‍िंदगी में आए। इतना ही नहीं 30 दिन के रोजों की कड़ी तपस्या के बाद मिलने वाली स्थायी खुशी और ईनाम को भी ईद कहते है।

गुनाहों को बख्‍शाने का प्रयास

वास्‍तव में ईद उन्‍हीं लोगों की होती है जो लोग अपने गुनाहों से तौबा करते हैं और पहले हुई गलतियों के लिये ईश्‍वर से क्षमा मांगते हैं। इसके अलावा गरीबों की ख्‍वाहिशों का ख्‍याल रख कर उन्‍हें सार्मथ्‍य भर पूरा करने का प्रयास करते हैं। यतीमों की खुश‍ि‍यों को पूरा करने की कोशि‍श करते हैं। उन्‍हें कपड़े, म‍िठाई और ख‍िलौने आद‍ि देते हैं। जो लोग एक-दूसरे को समझने और समझाने का प्रयास करते हैं। अपने व बेगानों सबके साथ खुश‍ियां बांटकर उनके गमों को साझा करते हैं। इसके साथ ही जो लोग अपने आप की पहचान करने के साथ ही परमात्मा की पहचान को यकीनी बनाए रखते हैं। हकीकत में ईद ऐसे लोगों की ही होती है। सही मायने में ईद का यही अर्थ होता है।

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