राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ने विश्व वानिकी दिवस पर किया पौधरोपण

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Faridabad/Alive News: राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय एन एच तीन फरीदाबाद के प्राचार्य रविन्द्र कुमार मनचन्दा ने विश्व वानिकी दिवस पर विद्यालय परिसर में पौधरोपण किया और पौधरोपण के पश्चात कर ट्री गार्ड भी लगाए। मनचन्दा ने इस अवसर पर कहा कि विश्व वानिकी अर्थात अंतर्राष्ट्रीय वन दिवस प्रत्येक वर्ष 21 मार्च को, पूरे विश्व में वन आवरण की कमी और वन संरक्षण की बढ़ती आवश्यकता के बारे में जागरूकता पैदा करने के उद्देश्य से मनाया जाता है, क्योंकि यह हमारे पारिस्थितिकी तंत्र की जीवन रेखा है।

28 नवंबर 2012 को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 21 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय वन दिवस के रूप में मनाने के लिए एक प्रस्ताव पारित किया था। इस से पूर्व 1971 में यूरोपीय संघ ने भी वन दिवस मनाने की पहल की थी।अंतर्राष्ट्रीय वन दिवस मनाने के पीछे का उद्देश्य लोगों द्वारा वन आवरण में कमी, वनों के पतन के प्रभाव और वन जो पारिस्थितिकी तंत्र के अंतिम लेकिन आखिरी नहीं आधार हैं, के बारे में जागरूक करना है। रविन्दर कुमार मनचन्दा ने पौधरोपण करते हुए बताया कि 2012 के बाद से, हर साल वार्षिक आयोजन में वृक्षारोपण अभियान के रूप में वनों की कमी को रोकने व जागरूकता पैदा करने या लोगों को इसके प्रति सुदृढ़ बनाने के लिए एक थीम निर्धारित की जाती है।

प्रत्येक वर्ष संयुक्त राष्ट्र एक विषय यानी थीम के साथ अंतर्राष्ट्रीय वन दिवस के वार्षिक अवसर का जश्न मनाता है, जो वनों तथा नागरिकों की भागीदारी से संबंधित मौजूदा मुद्दों और वनों को संरक्षित करने में मदद करने वालों को संबोधित करता है। इस वर्ष, संयुक्त राष्ट्र ने “वन और शिक्षा” जो अंतर्राष्ट्रीय वन दिवस के विषय के रूप में चिह्नित किए गए हैं, वनों और शिक्षा को लेकर कुछ फैसले लिए हैं। शिक्षा के प्रसार की पहल का लक्ष्य एक तरह से वनों का विकास करना है, जहाँ कहीं भी परिदृश्य का हिस्सा बन जाते हैं, वहां कस्बों, शहरों, गांवों और बस्तियों के अन्दर के वनों ने बढ़ते प्रदूषण को कम करने में मदद की है।

वातावरण में प्रदूषण बढता जा रहा है और अनेकाेें प्रकार के श्‍वांंस संबधी रोग पैदा होते जा रहे हैं वन वायुमंडल में मौजूद कार्बनडाई ऑक्‍साइड को ग्रहण करते है और हमारी जीवनदायनी ऑक्‍सीजन को छोडते हैं पेडों का हमारे दैनिक जीवन में भी अहम महत्‍व हैं। रविन्द्र कुमार मनचन्दा ने कहा कि हमारे दैनिक जीवन में प्रयोग होने वाली सभी और लगभग बहुत सी वस्‍तुऐं पेडों से ही प्राप्‍त होती हैं तो हमें पेडों की देखभाल करनी चाहिए और हमारा प्रयास रहना चाहिए कि हम अधिक से अधिक पेड लगायें।

इसलिए अब समय आ गया है कि देश की “राष्ट्रीय निधि” को बचाए और इनका संरक्षण करें। हमें वृक्षारोपण (पेड़-पौधे लगाना) को बढ़ावा देना चाहिए। इसके सम्बन्ध में प्रसिद्ध पर्यावरणविद कन्हैयालाल माणिकलाल मुंशी ने कहा था कि -“वृक्षों का अर्थ है जल, जल का अर्थ है रोटी और रोटी ही जीवन है।” आज पेड़ लगाने के बाद उन की सुरक्षा के लिए ट्री गार्ड भी लगवाए गए। उन्होंने सभी पेड़ों को उपलब्ध करवाने के लिए रोटरी संस्था का भी विशेष आभार व्यक्त किया।

उन्होंने कहा कि धारा 144 लागू होने के कारण चार से अधिक लोग एकत्रित नहीं हो सकते इसलिए पौधरोपण में सहयोग कर रही संस्थाएं रोटरी क्लब और रोड सेफ्टी ऑर्गनाइजेशन से अधिकारी व पदाधिकारी तथा स्टाफ सदस्य अनुकूल समय आने तथा धारा 144 के प्रतिबंध हटने के उपरांत सघन पौधरोपण अभियान चलाएंगे ताकि हम अपने शहर को प्रदूषण मुक्त बनाने में सहयोग कर अपने दायित्वों का निर्वाह कर पाए। आज के पौधरोपण में विद्यालय के चौकीदार रामकृपाल का विशेष और सराहनीय योगदान रहा।

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