यह योजना 2009 से चल रही है। उस समय इसमें प्रति वर्ष 2.78 लाख रुपये का शिक्षा कर्ज दिया जाता था जो बढ़कर 3.3 लाख रुपये हुआ। सरकार ने सबको गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मुहैया कराने की अपनी नीति के तहत इस योजना में बदलाव को मंजूरी दी है।

New Delhi/Alive News : युवाओं को पढ़ाई के लिए आसानी से कर्ज मुहैया कराने के लिए सरकार ने ‘क्रेडिट गारंटी फंड फॉर एजुकेशन लोन स्कीम’ और ‘ब्याज सब्सिडी योजना’ को जारी रखने का फैसला लिया है। केंद्र के इस फैसले से यह योजना 2020 तक चलेगी और इससे 10 लाख युवाओं को कर्ज मिल सकेगा। सरकार इस पर भारी भरकम 6600 करोड़ रुपये खर्च करेगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट की आर्थिक मामलों की समिति ने बुधवार को इस आशय के प्रस्ताव को मंजूरी दी। कैबिनेट ने इस योजना में कई बदलाव भी किए हैं। नए प्रावधानों के अनुसार, छात्र 7.5 लाख रुपये तक का कर्ज ले सकेंगे। साथ ही कर्ज चुकाने की शुरुआत कोर्स की अवधि पूरी होने के एक साल बाद होगी।

उल्लेखनीय है कि यह योजना 2009 से चल रही है। उस समय इसमें प्रति वर्ष 2.78 लाख रुपये का शिक्षा कर्ज दिया जाता था जो बढ़कर 3.3 लाख रुपये हुआ। सरकार ने सबको गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मुहैया कराने की अपनी नीति के तहत इस योजना में बदलाव को मंजूरी दी है। ब्याज सब्सिडी योजना के तहत अब तक 25.10 लाख छात्रों को 9408 करोड़ रुपये का कर्ज मुहैया कराया जा चुका है। इस योजना के तहत अधिसूचित बैंकों से ऋण लेने पर ब्याज सब्सिडी मुहैया कराई जाती है। हालांकि इसके लिए जरूरी यह है कि छात्र के माता-पिता की वार्षिक आय साढ़े चार लाख रुपये हो।

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