GST के दो साल, क्या हैं हाल, जानिए चार्टेड अकाउंटेंट से

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Faridabad/Alive News: भारत में गुड्स एंड सर्विस टैक्स लागू हुए पूरे दो साल हो गए हैं। आज 1 जुलाई जीएसटी डे के रूप में मनाया जा रहा हैं। पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली ने टविटर ब्लॉग में लिखा, भारत में जीएसटी की एक दर नहीं हो सकती है। उन्होंने ब्लॉग में लिखा, ‘जिन देशों में गरीबी रेखा के नीचे बड़ी संख्या में लोग हैं, वहां एकल दर लागू करना अन्याय होगा।’ उन्होंने लिखा कि प्रत्यक्ष कर एक प्रगतिशील कर है। सीए संदीप शर्मा, नीता शर्मा और देवेंद्र शर्मा से जीएसटी को लेकर अलाइव न्यूज़ के संपादक तिलक राज शर्मा के निर्देशन पर संवाददाता रोज़ी सिन्हा से हुई बातचीत के कुछ अंश इस प्रकार हैं.

 GST रिटर्न फिलिंग में लगातार हो रहे परिवर्तन को आप किस तरह से देखते हैं?

CA Sandeep Sharma

लगातार हो रहे परिवर्तन से लोगों को बहुत परेशान होती है। सरकार लोगों से महीने में कई बार रिटर्न फिलिंग के लिए कहती है। GST फिलिंग के नियम बार बार बदलते हैं जिससे लोग बहुत परेशान रहते है। जब से GST लागू हुई तबसे टैक्स फिलिंग के कई फॉर्मेट बदल दिए गए हैं। जिसे लोग समझ नहीं पा रहे हैं। फ्रेक्वेंटली चेंज से लोग टैक्स के बारे में ठीक से समझ नहीं पा रहे हैं। GST में लगभग प्रतिदिन ही कोई न कोई बदलाव हो रहा था. GST फिलिंग में लोगों को टेक्निकल प्रोब्लेम्स का सामना भी करना पड़ता हैं।

GST सुविधा केंद्र फरीदाबाद में कहा हैं? यदि खुला हुआ हैं तो कैसा काम कर रहा हैं?
GST सुविधा केंद्र फरीदाबाद में NH-3 में हैं और लोगों के कन्वीनिएंस के लिए ठीक ठाक काम कर रहा हैं।

 GST से व्यापारिक स्तर पर क्या क्या बदलाव आये हैं?

CA Neeta Sharma

जब GST लागू हुई थी तो व्यापारिक स्तर बहुत गिर गया था। लगभग एक महीने तक तो लोगों ने कोई बिल ही नहीं काटे. लोगों को रिटर्न फाइल करने में बहुत समस्याएं आये हैं। लोगों को GST समझने में ही एक से डेढ़ महीने लग गए।

 जब GST लागू हुआ तो विपक्ष के राजनैतिक दल ने इसे गब्बर सिंह टैक्स कहा आपका क्या मानना हैं?
GST गब्बर सिंह टैक्स तो बिल्कुल भी नहीं हैं. GST आर्थिक रूप से बहुत अच्छा व फायदेमंद टैक्स हैं। इस से लोगों को व्यापार में बहुत जो अतिरिक्त टैक्स देना पड़ता हैं वो नहीं देना पड़ता हैं।

GST के बारे में आपके क्या विचार हैं?

Devender Sharma

गुड्स एंड सर्विस टैक्स बहुत फायदेमंद टैक्स हैं पर सरकार द्वारा इससे लागू करने में थोड़ी जल्दबाजी दिखाई। टैक्स लागू करने से पहले कोई बैकअप प्लान नहीं रखा गया। जनता टैक्स से अवेयर ही नहीं हो पायी. इस से पहले सरकार द्वारा उसे जनता पर थोप दिया गया। टैक्स का बहुत स्पीडली एक्सक्यूसन हुआ जनता उसके लिए तैयार नहीं थी।

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