Kurukshetra/Alive News : #ओर ना ही प्रदेश को ग्रामीण क्षेत्रों से नए खिलाड़ी मिल पा रहे है। आलम यह है कि करोड़ो की लागत खर्च करने के बाद भी बदहाली का शिकार ये स्टेडियम मात्र शराबियों का अड्डा बन कर रह गए है। कुछ समय पहले खिलाडिय़ों को मुलभूत सुविधा प्रदान करने की योजना से सरकार ने करोड़ो की राशि खर्च करके गांव में खेल स्टेडियमों का निर्माण करवाया था।

सरकार की ओर से दावा किया गया था कि युवाओं को खेलने के लिए बेहतर सुविधाएं उन्हें गांव में मिल जाएगी तो युवा शहर की ओर नही जाएगा लेकिन सरकार की योजना केवल सरकार के कागजों तक ही सिमट कर रहा गई ओर दावा धरा का धरा रहा गया। सरकार के दावों की पोल खोलता हुआ लाडवा क्षेत्र के गांव गुढ़ा का खेल स्टेडियम भी आज बदहाल स्थिति में है। स्टेडियम का दौरा करने पर पाया गया कि खेल स्टेडियम की दीवार गिरी हुई है, जो कमरे खिलाडिय़ों के लिए बनाए गये थे वे भी अब कचरे से अटे पड़े है। स्टेडियम के अन्दर का नजारा कैसा होगा इस बात का अंदाजा मुख्य द्वार की स्थिति देख कर ही लगाया जा सकता है।

जर्जर चारदीवारी खेल स्टेडियम में घुसने वाले आवारा पशुओं को रोकने में लाचार साबित हो रही है। शराब की खाली पड़ी बोतलें देख कर ऐसा लगता है जैसे पिक्कड़ो के लिए सबसे पसंदीदा जगह बस यही है और अब खेल स्टेडियम अपनी बदहाली पर आसंू बहा रहा है। ना कोच है ना ही सरकार का कोई खेल कर्मचारी जो इन स्टेडियमों की बदहाल स्थिति को गांव में जाकर देख सके।

तीन साल पहले ही हुआ था खेल स्टेडियम का नवनिर्मित उद्घाटन
गुढ़ा के खेल स्टेडियम का नवनिर्मित उद्वघाटन 29 अप्रैल 2015 को लाडवा के विधायक पवन सैनी के कर कमलों के द्वारा किया गया ओर शायद विधायक ने भी मान लिया होगा कि पत्थर लगा तो अब खेल स्टेडियम को मूलभूत सुविधाएं मिलना शुरू हो जाएगी।

क्या कहते है लाडवा विधायक पवन सैनी
जब इस विषय मे लाडवा के विधायक पवन सैनी से बात की गई तो उन्होने बताया कि लाडवा क्षेत्र मे तीन बड़े स्टेडियम का निर्माण करवाया गया जिसमे बीड़ कालवा, खैरा और गुढ़ा आते है। बीड़ कालवा ओर खैरा स्टेडियम पर जो कमियां थी उनको दूर कर दिया गया है और जल्द ही गुढ़ा के स्टेडियम को दुरूस्त करने का काम किया जाएगा। स्टेडियमों को बिगाडऩे में शरारती तत्वों का हाथ रहता है। विधायक ने गांव वासियों से भी अपने स्तर पर इस प्रकार की सरकारी इमारतों के रखरखाव में सहयोग की अपील की है।

क्या कहते है जिला खेल अधिकारी :
जब इस विषय में जिला खेल अधिकारी से बात की गई तो उन्होनें बताया कि गुढ़ा के खेल स्टेडियम की जानकारी उनके संज्ञान में नही है। अब वे खुद स्टेडियम का दौरा कर अपने आलाधिकारी को मामले से अवगत करवाएगें और वहां पर खामियों को दूर करने के लिए खुद प्रयास करेगें ताकि खिलाडिय़ों के भविष्य से साथ खिलवाड़ ना हो।

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