हरियाणा विधानसभा : अभय चौटाला और करण दलाल में गाली-गलौच, एक दूसरे को दिखाए जूते

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New Delhi/Alive News : हरियाणा विधानसभा में मंगलवार (11 सितंबर) को उस समय अजीबोगरीब स्थिति पैदा हो गई जब नेता प्रतिपक्ष अभय चौटाला और कांग्रेस विधायक करण दलाल के बीच तीखी बहस हुई। दोनों नेताओं ने एक दूसरे को गालियां दी और यहां तक की जूते दिखा मारने की धमकी दी। सदन में हुई इस घटना पर सख्त कार्रवाई करते हुए हरियाणा विधानसभा के अध्यक्ष कंवर पाल ने कांग्रेस विधायक को एक साल के लिए निलंबित कर दिया। सदन द्वारा ध्वनि-मत से दलाल को निलंबित करने के प्रस्ताव को परित करने के बाद अध्यक्ष ने यह फैसला सुनाया। विपक्षी पार्टी राष्ट्रीय लोक दल ने भी इस प्रस्ताव का समर्थन किया।

अपने विधायक को एक साल के लिए निलंबित किए जाने के बाद कांग्रेस ने चौटाला के खिलाफ भी इस तरह की कार्रवाई करने की मांग की। साथ ही अध्यक्ष के फैसले पर आपत्ति जताते हुए पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में इसे चुनौति देने की धमकी दी है। हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने इसे ‘काला दिन’ बताया और कहा कि यह ‘अभूतपूर्व फैसला’ है। हुड्डा ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “इस तरह का कोई नियम कानून नहीं है जिसके तहत इतने लंबे समय के लिए सदन के किसी सदस्य को निलंबित किया जा सकता है। अधिक से अधिक किसी सदस्य को एक सत्र के लिए निलंबित किया जा सकता है, लेकिन एक साल के लिए नहीं।”

यह घटना उस समय हुई जब ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के दौरान अपनी बारी में बोलते हुए करण दलाल ने आपत्तिजनक शब्द का इस्तेमाल किया। करण दलाल ने पीडीएस के तहत 25 लाख राशन कार्ड धारकों के नाम हटाने का मुद्दा उठाया था। हालांकि, राज्य खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामला विभाग के मंत्री करंदेव कामबोज ने उनके मुद्दे पर सफाई दी, लेकिन दलाल द्वारा आपत्तिजनक शब्द का उपयोग के बाद सत्तारूढ़ दल के मंत्रियों और विधायकों ने हंगामा शुरू कर दिया। कृषि मंत्री ओ पी धनकर ने दलाल को निलंबित करने की मांग की। धनकर समेत बीजेपी विधायकों कैप्टन अभिमन्यु, कृष्ण कुमार बेदी, मुनीश कुमार ग्रोवर और अनिल विज ने दलाल पर “पूरे हरियाणा” के लिए अापत्तिजनक शब्द का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया।

उप सभापति संतोष यादव ने अापत्तिजनक शब्द का उपयोग करने के लिए दलाल के स्पष्टीकरण की मांग की। हालांकि, दलाल ने उप सभापति से यह स्पष्ट करने के लिए कहा कि उनके द्वारा उपयोग किया जाने वाला शब्द संसदीय या असंसदीय था। उन्होंने अपने ‘आपत्तिजनक शब्द’ को वापस लेने से इंकार कर दिया। इसके बाद उप सभापति ने सदन को 10 मिनट तक स्थगित कर दिया।

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