हरियाणाः बीजेपी में टिकट वितरण पर क्यों मचा घमासान, विधायक के बागी सुर

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Gurugram/Alive News : हरियाणा विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ही नहीं बीजेपी में भी अंदरखाने मची रार अब सार्वजनिक हो गई है. नेताओं के बीच असंतोष के स्वर उभरने लगे हैं. गुरुग्राम के बीजेपी विधायक और पार्टी के मीडिया प्रभारी उमेश अग्रवाल ने ट्विटर पर चेतावनी जारी कर अंदरखाने मचे असंतोष को सार्वजनिक कर दिया है.

कांग्रेस के भूपेंद्र सिंह हुड्डा, अशोक तंवर खेमे और अन्य नेताओं के बीच आपसी रार के चलते जहां प्रदेश संगठन में संघर्ष छिड़ा है, वहीं बीजेपी में तो टिकट वितरण पर घमासान मचा है. बीजपी में टिकट पर मची रार की जड़ में है केंद्रीय मंत्री और गुरुग्राम सांसद राव इंद्रजीत सिंह का बेटी को टिकट दिलाने की जिद पर अड़ जाना. अब पार्टी के गुरुग्राम विधायक उमेश अग्रवाल भी खुलेआम उनके समर्थन में खड़े हो गए हैं. गुरुग्राम विधायक उमेश अग्रवाल ने तो पार्टी को नसीहत देते हुए कहा है कि राव इंद्रजीत सिंह की अनदेखी पार्टी को भारी पड़ेगी. दक्षिण हरियाणा में भारी नुकसान हो सकता है. एक दूसरे ट्वीट में उमेश अग्रवाल कहते हैं,” सबका साथ – सबका विकास – सबका विश्वास! इसी नारे के साथ होना चाहिए टिकटों का वितरण. योग्यता एवं जनभावनाओं की ना हो अनदेखी.”

उमेश अग्रवाल हरियाणा बीजेपी इकाई के मीडिया प्रभारी हैं. उनके दो ट्वीट से राज्य में टिकट वितरण पर बीजेपी के अंदरखाने मची लड़ाई सार्वजनिक हो गई है. माना जा रहा है कि गुरुग्राम के सांसद राव इंद्रजीत सिंह से अच्छे रिश्ते होने के कारण विधायक उमेश अग्रवाल इस नाजुक मौके पर खुलकर उनके साथ खड़े हो गए हैं और टिकट न मिलने पर पार्टी को नसीहत भी दे रहे. खास बात है कि राव इंद्रजीत की बेटी के टिकट का समर्थन कर रहे उमेश अग्रवाल का ही टिकट फंस गया है. सोमवार को जारी हुई पहली सूची में गुरुग्राम सीट का टिकट पार्टी ने घोषित नहीं किया है.

घमासान पर फंस गए 12 टिकट
हरियाणा में टिकट को लेकर पार्टी नेताओं के बीच खींचतान के चलते बीजेपी ने सोमवार(30 सितंबर) को कुल 90 में से 78 सीटों के ही उम्मीदवारों की सूची जारी की. इस बार पार्टी के कई सांसदों और मंत्रियों ने अपने रिश्तेदारों को टिकट दिलाने को प्रतिष्ठा का विषय बना लिया. जबकि बीजेपी परिवारवाद का आरोप न लगे, इसके चलते नेताओं के रिश्तेदारों को टिकट देने से मना कर चुकी है.

गुड़गांव, रेवाड़ी, कोसली, पानीपत शहर, पलवल, फतेहाबाद, आदमपुर, नारायणगढ़, गन्नौर, महम, तोशाम व खरखौदा सीट पर आपसी रार के कारण टिकट नहीं घोषित हो सके हैं.

रेवाड़ी सीट पर गुरुग्राम सांसद इद्रजीत राव की बेटी आरती के लिए दावेदारी से शीर्ष नेतृत्व फैसला नहीं ले पाया. पानीपत शहर की सीट विधायक रोहिता रेवाड़ी के बागी तेवरों के चलते अटकी हुई है. कोसली में इनेलो से बीजेपी में आए पूर्व विधायक जगदीश यादव और मौजूदा सिटिंग एमएलए विक्रम सिंह ठेकेदार के बीच चल रही नूराकुश्ती से टिकट फाइनल नहीं हो सका.

सूत्र बता रहे हैं कि बीजेपी शीर्ष नेतृत्व ने इन 12 सीटों पर सभी दावेदारों से बातचीत कर किसी एक नाम पर राजी करने को कहा है. माना जा रहा है कि मंगलवार से बुधवार के बीच इन 12 सीटों का टिकट घोषित हो सकता है.

पहली सूची में दो मंत्रियों के टिकट कटे
हरियाणा विधानसभा चुनाव के 78 उम्मीदवारों की पहली सूची में मनोहर लाल खट्टर की बीजेपी सरकार के दो कैबिनेट मंत्रियों के टिकट कटे हैं. ये मंत्री हैं विपुल गोयल और राव नरबीर सिंह. सूची में नाम नहीं रहने का कारण आंतरिक कलह माना जा रहा है.राव नरबीर सिंह (58) बादशाहपुर से विधायक हैं, जबकि गोयल (47) फरीदाबाद से विधायक हैं. सूत्र बताते हैं कि उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री गोयल का टिकट केंद्रीय मंत्री व फरीदाबाद से सांसद कृष्णपाल गुर्जर से ठन जाने के कारण कटा, वहीं लोक निर्माण मंत्री नरबीर सिंह का पत्ता केंद्रीय मंत्री व गुरुग्राम के सांसद राव इंद्रजीत सिंह की नाराजगी के कारण.

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