जो जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्र की समस्या का निदान न कर सके उसे नैतिकता के आधार पर क्या करना चाहिए, जनता जबाव दे?

Faridabad/Alive News : आम जनता का भरोसा तब दम तोड़ देता है, जब उनके द्वारा चुने हुए प्रतिनिधि उन्हें समस्याओं से राहत देने की बजाय उनकी सुध तक नही लेतेे है। मूलभूत सुविधाओं के अभाव में कुछ ऐसी ही पीड़ा वार्ड -7 के निवासियों ने ‘अलाईव न्यूज’ की टीम से सांझा की। वार्ड में सुविधाए नही केवल समस्याएं पनप रही हैं। वार्ड में कूड़ा उठाने वाला वाहन प्रत्येक गली में सुचारू रूप से न पहुचनें पर गंदगी के अंबार लगे हुए हैं। गंदगी के अंबार से उठने वाली दुंर्गध लोगों को बिमारीयों में रहने के लिए आजिज कर रही है।

प्रशासन ने लोगों को चलने के लिए सडक़े बना दी लेकिन पानी निकासी के लिए नालियों को दुरूस्त करने का कोई प्रबंध नही किया। वार्ड में खंभों पर लगी बंद स्ट्रीट लाईट रात के अंधेरे में केवल शोपीस का काम करती है। उक्त समस्याओं के समाधान के लिए जब लोग पार्षद के दरबार पहुंचते हैं तो उन्हें अनदेखा किया जाता है और ‘केवल काम हो जाएगा’ का आश्वासन दे दिया जाता है।

क्या कहते है वार्ड निवासी
वार्ड-7 के पूर्व प्रत्याशी संतोष शर्मा बताते है कि वार्ड में सुविधाओं के लिए त्राहि-त्राहि मची हुई है। चारों ओर गंदगी का अंबार लगा हुआ है। भाजपा सरकार से हर वर्ग परेशान है, क्योंकि इस सरकार में महिलाओं को अपनी समस्या के समाधान के लिए हर दूसरे दिन निगम मुख्यालय पर मटकी फोड़ कर विरोध प्रदर्शन करना पड़ता है। तो वहीं तालाब वाली गली की राजीश, सुनीता, मयंक, अमन का कहना है कि वार्ड में सालों से गंदगी का अंबार लगा हुआ है। पार्षद से लगातार शिकायत करने के बाद आज भी समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है।

तो वहीं जवाहर कॉलोनी निवासी मनीष, अंजु, सोमवती, बाला देवी, मोनू, सीमा बताते है कि नाली निकासी न होने के कारण घरों से निकलने वाला गंदा पानी नाली से निकलकर सडक़ो पर भरा रहता है जिससे मच्छर पनप रहे है, और लोगों में जलजनित का कारण बनते जा रहे है। लोगों का पार्षद पर यह भी आरोप है कि पार्षद को समस्याओं से अवगत कराया जा रहा है, लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा उनकी बात की सुनवाई न करने की बात कहकर अपना पल्ला छुड़ा लेते हैं। कई बार पार्षद घर पर होते हुए भी लोगों से मिलते तक नही हैं।

क्या कहते है पार्षद
वार्ड-7 के पार्षद वीर सिंह नैन से जब उक्त समस्याओं को लेकर मोबाईल पर हमारे संवाददाता ने बात की तो, उन्होंने मिलने के लिए व्यस्तता जताई। जब उनसे कहा गया कि हमें न्यूज के लिए आपका पक्ष जानना है, के सवाल पर पार्षद ने कहा कि न्यूज ऐसे ही चला दो मेरे पास समय नही है और फोन काट दिया। वीर सिंह नैन के इस रवैये से अंदाजा लगाया जा सकता है कि जनता के प्रति वह कितने जिम्मेदार हैं। जो पार्षद जनता की बात और समस्या का निदान न कर सके, उस पार्षद को नैतिकता के आधार पर क्या करना चाहिए जनता जबाव दे।

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