जानिए क्यों, 6 दिनों से मंदिर के चक्कर काट रहा सांप

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Faridabad/Alive News : फरीदाबाद में यमुना के पास गांव नचौली के शिव मंदिर में पिछले 6 दिनों से विचित्र घटना घट रही है। मंदिर परिसर में एक सांप का आना जाना लगातार लगा हुआ है। लोग इसे भगवान शिव व धार्मिक मान्यताओं से जोड़ रहे हैं। सांप कभी शिवलिंग के आसपास रहता है तो कभी मंदिर की दीवार पर चढ़ जाता है। लोगों के लिए सांप की ये हरकतें मनोरंजन और चर्चाओं का विषय बनी हुई हैं। नचौली के पड़ोसी गांवों के लोग पता लगने पर सांप को देखने के लिए आ रहे हैं। मजेदार बात तो ये हैं कि सांप सुबह करीब 9 बजे आता है और शाम को 4 बजे चला जाता है।

सांप का नाम सुनते ही लोगों में एक डर पनप जाता है और हो भी क्यों न क्योंकि सांप एक बिषैला जीव है, लेकिन फरीदाबाद के एक गांव में काला सांप इन दिनों मनोरंजन और चर्चाओं का बिषय बन गया है। ये गांव यमुना के पास बसा हुआ नचौली गांव हैं जिसके बर्षाें पुराने शिवमंदिर में एक विचित्र घटना घट रही है, इस मंदिर की शिवलिंग के पास एक काले सांप का आना जाना लगा हुआ है, पहले दिन तो लोग सांप को देखकर घबरा गए थे, लेकिन दूसरे दिन भी सांप का आ जाना लोगों में चर्चाएं बनने लगीं। ग्रामीणों का कहना है कि इससे पहले कभी शिवलिंग या मंदिर की तरफ इस तरह कभी सांप नहीं निकला।

ग्रामीणों की माने तो नचौली गांव के बीच में वर्षों पुराना शिव मंदिर है, जहां एक पीपल का पेड़ भी होता था, लेकिन पेड़ 1977 में काट दिया था। इस जगह पर अब केवल शिवलिंग स्थापित है। हालांकि, यह मंदिर बहुत बड़ा नहीं है लेकिन ग्रामीणों में इसकी खासी मान्यता है। गांव में विभिन्न शुभ कार्य व शादी-विवाह के दौरान इस मंदिर पर भी पूजा होती है और लोग मन्नत मांगते हैं। इसी मंदिर पर 6 दिन से लगातार एक सांप आ रहा है, जो शिवलिंग के आसपास ही रहता है और कई बार मंदिर की दीवार पर चढ़ जाता है।

लोगों के लिए सांप का आना जाना मनोरंजन और चर्चाओं का विषय बना हुआ है। नचैली के पड़ोसी गांव कावरा कलां, बदरपुर सैद, भूपानी, खेड़ी कलां और महावतपुर के लोग पता लगने पर सांप को देखने के लिए जा रहे हैं। लोग सांप को देखकर उसके सामने हाथ जोड़कर भगवान शिव का जाप करने लगते हैं। महिलाएं सांप को छूकर भी भगवान भोले का नाम ले रही हैं। ग्रामीण कटोरे में सांप के लिए दूध भी रख रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सांप 5 दिन से लगातार आ रहा है। किसी पर छपटता भी नहीं है और सुबह 9 या 10 बजे सांप मंदिर परिसर में पहुंच जाता है, जो तीन बजे के आसपास चला जाता है।

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