फरीदाबाद में 12 अगस्त को मनाई जाएगी जन्माष्टमी

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Faridabad/Alive News: औद्योगिक नगरी फरीदाबाद में भगवान श्री कृष्ण के जन्मोत्सव जन्माष्टमी की तैयारियां लगभग पूरी हो गई है। कोरोना संकट के कारण इस बार जन्माष्टमी की परंपरा भी बदली है। इस साल जन्माष्टमी पर हमेशा की तरह आयोजन होगे, छप्पन भोग चढ़ेगा और खोये का केक भी कटेगा। झांकियां भी सजेंगी, मगर लोग ऑनलाइन ही ये झांकियां देख सकेंगे। इस बार जन्माष्टमी 12 अगस्त को मनाई जाएगी। ज्योतिषियों ने बताया कि हिंदू मान्यता के अनुसार जिस तिथि में सूर्य उदय होता है। अष्टमी उसी तिथि को मानी जाती है और यह पूरे दिन रहती है। इसलिए 12 अगस्त हो ही जन्माष्टमी का उत्सव मनाया जाएगा।

प्राचीन शिव मंदिर के आचार्य सर्वेश पांडे ने बताया कि हिंदू धर्म मान्यताओं के अनुसार, भाद्रपद के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को भगवान कृष्ण का जन्म हुआ था। भगवान श्री कृष्ण का जन्म रात 12 बजे अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र में हुआ था। इसलिए इसी नक्षत्र और तिथि में जन्माष्टमी मनाई जाती है। 11 अगस्त सप्तमी का सूर्य उदय है और 12 अगस्त को अष्टमी का सूर्य उदय हो रहा है। हालांकि इस बार भी कृष्ण की जन्म तिथि और नक्षत्र मेल नहीं खा रहे हैं। इस बार जन्माष्टमी का दान 11 अगस्त को होगा और 12 अगस्त को मंदिरों में पूजा होगी और व्रत रखा जाएगा।

एनआईटी स्थित काली मंदिर के प्रधान राकेश कुमार ने कहा कि 12 अगस्त को जन्माष्टमी की पूजा ज्यादा शुभकारक है। 12 अगस्त को पूजा का समय रात 12 बजकर 5 मिनट से 12 बजकर 47 मिनट तक है। इस दिन बाल-गोपाल की पूजा करने से दोगुना फल मिलता है। जन्माष्टमी पर इस बार वृद्धि संयोग बन रहा है।

मंदिरों के कपाट रहेंगे बंद
कोरोना संकट की वजह से जन्माष्टमी पर मंदिरों की कपाट बंद रहेगे। हालांकि मंदिर में महाआरती और पूजन होगा। वह केवल मंदिर के पंडितों द्वारा किया जाएगा। मंदिरों में श्रद्धालुओं का प्रवेश वर्जित है।

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