कानून फेल : रखवाले खुद उड़ा रहे नियमों का मजाक

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Pooja Bagh/Alive News

Faridabad/Alive News : कानून के रखवाले खुद कानून के नियमों का मजाक उड़ाने लगे तो आप अपने आपकों कितना सुरक्षित महसूस करेंगे इसका सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है।
जनता को नियम कानून का पाठ पढ़ाने वाले ये कानून के रखवाले स्वयं किस तरह से कानूनी नियम का पालन कर रहे हैं, इसकी सच्चाई आपके समक्ष है। नियमों को ताक पर रख ट्रेफिक रूल की धज्जियां उड़ाती हुई पुलिस अधिकारी की कुछ तस्वीरें कैमरे में कैद हुई है।

जिसमें खाकी वर्दी वाले साहब खुद ‘रांग साईड’ में गाड़ी लेकर आते हुए दिख रहे है और कानून के नियमों का मजाक बना रहे है। यह तस्वीरें प्याली-हार्डवेयर चौक की है जहां सुबह-सुबह आमजन अपने गंतव्यों तक पहुचंने के लिए भंयकर जाम की परेशानी झेलते दिखाई दिए तों, दूसरी तरफ खुदकों जनता का रक्षक कहने वाली पुलिस ने बेरोक-टोक ‘रांग वे’ में आकर लोगों की परेशानियां बढ़ाने में कोई कसर नही छोड़ी।

इस तस्वीरों से तो यही अंदाजा लगाया जा सकता है कि शायद यह ट्रेफिक रूल आमजन के लिए बने है और कानून के रखवालों का इनसे कोई लेना-देना नही है। अगर, यह नियम सभी के लिए एक समान है तो किसने इन्हें नियमों की अवहेलना करने का हक दिया? क्यों ऐेसे पुलिस अधिकारियों पर नकेल नहीं कसी जाती? क्यों ऐसी गलतियों पर ट्रेफिक पुलिस भी चुप्पी साधे हुए है? क्या समय-समय पर आमजन की गलतियों पर चालन काटना ही ट्रेफिक पुलिस का काम है या इससे हटकर भी उनकी कोई जिम्मेंदारी है। आखिर कब तक अपने कंधों पर लोगों की सुरक्षा की जिम्मेदारी उठाने वाले पुलिस अधिकारी और कर्मचारी आमजन को मूर्ख बनाते रहेंगें या स्वंय भी कुछ सबक लेंगें।

क्या कहना है ट्रेफिक पुलिस का
टै्रफिक नियमों की अवहेलना कोई भी करता है तो पुलिस को उसका चालान करने का अधिकार है। चाहें वो सरकारी गाड़ी हो या किसी अधिकारी कर्मचारी की निजी गाड़ी हो। अगर, कहीं सरकारी गाड़ी और किसी व्यक्ति को इमरजेंसी है तो ऐसी स्थिति में गाड़ी को रांग साईड से निकाला जा सकता है।
देवेंद्र यादव, एसीपी ट्रैफिक एनआईटी फरीदाबाद।

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