किसने और क्यों उठाया पत्रकारिता पर सवाल?

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New Delhi/Alive News :वरिष्ठ टीवी पत्रकार पुण्य प्रसून वाजपेयी ने कहा है कि जब वह जी न्यूज़ में काम करते थे तब मनमोहन सिंह उन्हें (खबर दिखाने से) रोका करते थे, पर वह नहीं रुकते थे। उन्होंने यह भी बताया कि एबीपी न्यूज़ में तो नेताओं की तस्वीरें लगी हैं, अगर वह तस्वीर खराब दिखे तो उसे ठीक कराने के लिए भी नेता के फोन आ जाते हैं।

ये बातें उन्होंने दिल्ली में एक कार्यक्रम में कहीं। उन्होंने कहा कि यह आरोप लगाने के बजाय कि हमें काम नहीं करने दिया जा रहा, हम सरकार से सवाल नहीं पूछ सकते आदि…हमें यह सोचने की जरूरत है कि हमारी पत्रकारिता कैसी है और हम क्या कर रहे हैं।

उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार से सवाल नहीं पूछ सकते जैसे आरोप लगाने के बजाय हमें जनता के बीच जाकर उनसे बात करनी चाहिए और उनके द्वारा उठाए गए सवालों को रिपोर्ट के जरिए सामने रखना चाहिए। सरकार से सवाल पूछने की जरूरत ही क्या है? उन्होंने कहा कि जहां तक काम करने से रोकने की बात है तो काम करने से किसी को रोका नहीं जाता, यह बात अलग है कि उस काम का व्यावसायिक इस्तेमाल किस रूप में होता है?

दिल्ली के कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में आयोजित कार्यक्रम कमिटी अगेंस्ट असाल्ट ऑन जर्नलिस्ट्स में आयोजित इस कार्यक्रम में कई पत्रकारों की भागीदारी रही। कार्यक्रम में पहुंचे वरिष्ठ पत्रकार रवीश कुमार ने कहा कि एक आदमी को सुरक्षा कवच देने के लिए ट्रोल का तमाशा क्रिएट किया गया, जो अब बोल नहीं पा रहा है। रवीश कुमार ने कहा कि 2013 तक चीजें ऐसी नहीं थीं लेकिन 2014 के बाद ऐसा क्या हो गया कि हम बहुत आलोचनात्मक होने के बाद भी उनका कुछ बिगाड़ नहीं सकते थे, लेकिन हमें गालियां दी जाने लगीं।

उन्होंने कहा, ” शुरू में कहा गया आप एंटी मोदी हैं…ये धारा बनाई जा रही थी कि हम सब जिसने चुनाव में तात्कालिक परिस्थितियों को देखते हुए एक राजनीतिक विकल्प को चुना है, अब उस चुनने के बाद हम सबको प्रो मोदी होना है।” रवीश कुमार ने कहा कि अगर हम सवाल पूछते हैं कि आदरणीय प्रधानमंत्री जी आप बोल नहीं पा रहे हैं कि रुपया एक डॉलर के सामने 72 का कैसे हो गया तो इसमें एंटी मोदी होना क्या है?”

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