जानिए कैसे एक LIC एजेंट बन गया 7700 करोड़ का मालिक

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New Delhi/Alive News: एलआइसी एजेंट से लेकर देश के सबसे अमीर भारतीयों की सूची में जगह बनाने का सफर तय करने वाले लक्ष्मण दास मित्तल की पहचान ‘द ट्रैक्टर टाइटन’ के नाम से है. हुरुन ने सोनालिका ग्रुप के संस्थापक और चेयरमैन लक्ष्मण दास मित्तल को अमीर भारतीयों की सूची में 164वें पायदान पर रखा है. यहां तक के अपने सफर में लक्ष्मण दास मित्तल को कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सम्मान मिल चुके हैं जिसमें प्रतिष्ठित उद्योग पुरस्कार भी शामिल है.

एलआईसी एजेंट से कैरियर की शुरुआत
मित्तल ने 1955 में एलआइसी एजेंट के तौर पर कैरियर की शुरुआत की. इसके बाद वह फील्ड ऑफिसर बने. नौकरी के साथ ही 1966 में उन्होंने अपना कारोबार भी शुरू किया और उन्होंने कृषि मशीनें बनानी शुरू की. 1995 में उन्होंने टैक्टर बनाने का काम शुरू किया. उनकी कंपनी द्वारा बनाए गए सोनालिका ट्रैक्टर्स पर आज किसानों को भरोसा है. उनकी कंपनी द्वारा बनाए गए ट्रैक्टर्स पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसानों द्वारा पसंद किए जाते हैं.

120 देशों में टैक्टरों का निर्यात
सोनालिका ग्रुप दुनिया भर के 120 देशों में ट्रैक्टरों का निर्यात करती है. कंपनी साल भर में 3 लाख से अधिक ट्रैक्टर का निर्माण करती है. उनकी कंपनी सिर्फ ट्रैक्टर ही नहीं, बुवाई की मशीन (सीड ड्रिल्स) और गेहूं के थ्रेसर भी बनाती है. आज यह कंपनी 7700 करोड़ की हो चुकी है.

बेटे के साथ शुरू कंपनी देश की तीसरी सबसे ट्रैक्टर निर्माता
लक्ष्मण दास मित्तल ने अपने बेटों के साथ मिलकर इंटरनेशनल ट्रैक्टर लिमिटेड शुरू किया था जो आज देश का तीसरा सबसे बड़ा टैक्टर निर्माता है. उनके सबसे बड़े बेटे अमृत सागर कंपनी के वॉइस प्रेसिडेंट हैं और तीसरे बेटे दीपक मित्तल कंपनी के एमडी हैं. मित्तल का पूरा परिवार उनकी कंपनी के कारोबार को संभाल रहा है, हालांकि लक्ष्मण दास मित्तल के दूसरे बेटे न्यूयॉर्क में डॉक्टर हैं. उनकी बेटी उषा सांगवान एलआईसी की एमडी रह चुकी हैं और वह एलआईसी की पहली एमडी भी थीं.

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