Alive/News : स्मार्ट वॉच और स्मार्ट बैंड का चलन तेजी से बढ़ रहा है। फिलहाल इनका मुख्य काम सेहत की निगरानी करना है। इस दिशा में एक कदम आगे बढ़ते हुए वैज्ञानिकों ने ऐसा रिस्टबैंड तैयार किया है जो सेहत के साथ पर्यावरण की भी निगरानी कर सकेगा। अगली पीढ़ी का यह खास बैंड स्मार्टफोन से वायरलेस कनेक्शन के जरिये जुड़ सकेगा।

माइक्रोसिस्टम एंड नैनो इंजीनियरिंग नामक जर्नल में प्रकाशित इस खोज के बारे में बताया गया है कि इस टेक्नोलॉजी के जरिये घड़ियों व अन्य पहनने जा सकने वाले उपकरणों को जोड़ा जा सकेगा, जो हृदयगति और शारीरिक गतिविधियों की निगरानी करेंगे।

अमेरिका स्थित रटगर्स यूनिवर्सिटी-न्यू ब्रंसविक में सहायक प्रोफेसर मेहदी जावनमार्ड कहते हैं, यह फिटबिट की तरह है, लेकिन इसमें बायोसेंसर लगाया गया है। इस वजह से यह ब्लड सेल्स के अलावा, हवा में मौजूद जीवाणुओं व कार्बनिक और अकार्बनिक कणों के साथ प्रदूषण के कणों का भी पता लगा सकता है।

इस अध्ययन के प्रमुख लेखक अब्बास

फर्नीचरवाला कहते हैं, वर्तमान में मौजूद इस तरह के उपकरण हृदय गति, व्यायाम आदि जैसी कुछ ही चीजों का पता लगा सकते हैं, जबकि स्वास्थ्य पर पूरी तरह से निगरानी के लिए पर्यावरण में बदलावों का पता होना भी जरूरी है। इसी को ध्यान में रखते हुए हमने अगली पीढ़ी का यह रिस्टबैंड तैयार किया है। यह हमारे रक्त में अलग-अलग कोशिकाओं का भी पता लगाने में सक्षम है।

इस तरह से किया तैयार

इस प्लास्टिक रिस्टबैंड में लचीला सर्किट बोर्ड है। इसके अलावा चैनल या पाइप के साथ एक बायोसेंसर लगाया गया है। इसमें इलेक्ट्रिक सिग्नल को प्रोसेस करने के लिए एक सर्किट है तो डाटा का डिजिटलीकरण करने के लिए माइक्रो-कंट्रोलर लगाया गया है। वहीं, डाटा को वायरलेस तरीके से प्रेषित करने के लिए ब्लूटुथ मॉड्यूल है।

इस तरह करता है काम

यह रक्त के नमूने लेकर चैनल के माध्यम से गुजारता है और रक्त कोशिकाओं की गिनती करता है। इसके बाद यह डाटा वायरलेस तरीके से एक एप के जरिये एंड्रॉयड स्मार्टफोन में प्रेषित किया जाता है, जो गणना के बाद स्क्रीन पर दिखाई देता है। यह टेक्नोलॉजी आइफोन व अन्य स्मार्टफोन पर भी काम करती है।

यह मिलेगी मदद

शोधकर्ताओं के मुताबिक, प्रयोगशाला के उपकरणों की मदद से रक्त की जांच में अधिक समय और पैसा खर्च होता है। ऐसे में यह रिस्टबैंड तुरंत रक्त की जांच कर रिपोर्ट उपलब्ध करा सकेगा।

चिकित्सक तक पहुंचेगी रिपोर्ट

शोधकर्ताओं के मुताबिक, इस रिस्टबैंड को इस तरह तैयार किया गया है, जिससे व्यक्ति अपने डॉक्टर से सीधे जुड़ सकेगा। यह मरीज की रिपोर्ट तैयार कर जरूरत होने पर उसे उसके डॉक्टर को प्रेषित करेगा। इस तरह आपात स्थिति में समय रहते उचित कदम उठाए जा सकेंगे।

अमेरिका स्थित रटगर्स यूनिवर्सिटी-न्यू ब्रंसविक के वैज्ञानिकों ने तैयार किया नया रिस्टबैंड, रक्त की जांच के साथ हवा में मौजूद प्रदूषण के कणों के बारे में भी देगा जानकारी, सांस के मरीजों को मिलेगी मदद

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