जानिए, गोरखपुर और फूलपुर में BJP की हार का नोएडा कनेक्शन

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New Delhi/Alive News : उत्तर प्रदेश में लोकसभा की दो सीटों गोरखपुर और फूलपुर पर हुए उप चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को हार मिली है। भाजपा की इस हार के सियासी कारण तो निकाले जा रहे हैं, साथ ही सोशल मीडिया पर लोग इसे नोएडा अपशकुन से जोड़कर देख रहे हैं। फूलपुर और गोरखपुर दोनों सीटों पर भाजपा के उम्मीदवारों को हार का मुंह देखना पड़ा। दोनों जगहों पर समाजवादी पार्टी (सपा) के उम्मीदवारों को जीत मिली। भाजपा को हार मिलते ही सोशल मीडिया पर लोग सक्रिय हो गए। लोगों ने कहा कि योगी आदित्यनाथ ने नोएडा का दौरा किया था इसलिए उसे उपचुनावों में हार का सामना करना पड़ा।

दरअसल, नोएडा को लेकर एक सियासी भ्रम चला आ रहा है कि जो कोई भी मुख्यमंत्री यहां का दौरा करता है उसे अपनी कुर्सी गंवानी पड़ती है। मुख्यमंत्री रहते हुए अखिलेश यादव ने कभी भी नोएडा का दौरा नहीं किया। मुख्यमंत्री रहते हुए नोएडा से जुड़ी विकास योजनाओं का उद्घाटन उन्होंने लखनऊ से ही किया। यूपी के सीएम रहते हुए वीर बहादुर सिंह ने नोएडा का दौरा किया था, जिसके कुछ दिन बाद जून 1988 को उनकी कुर्सी चली गई थी। इसके बाद बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती ने इस अंधविश्वास को तोड़ते हुए नोएडा का दौरा किया था, लेकिन उसके बाद साल 2012 के विधानसभा चुनावों में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इससे यह अंधविश्वास और मजबूत हो गया।

बता दें कि आदित्यनाथ ने राजनीतिक रूप से ‘मनहूस’ समझे जाने वाले नोएडा का 25 दिसंबर को दौरा किया था। इस दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली मेट्रो की 12.64 किलोमीटर लंबी मैजेंटा लाइन का उद्घाटन किया। इस दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे। इस लाइन ने नोएडा के बॉटनिकल गार्डन को दक्षिण दिल्ली के कालकाजी मंदिर स्टेशन से जोड़ा। उद्घाटन के बाद पीएम मोदी ने सीएम योगी के साथ मेट्रो में ओखला बर्ड सेंक्चुअरी स्टेशन तक सफर किया।

नेशनल कांफ्रेंस के नेता एवं जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी ट्ववीट किया। उमर ने कहा कि भाजपा में क्या कोई अपने नए हेडक्वॉर्टर के वास्तु या फेंगशुई की जांच कर रहा है। आदित्यनाथ ने कहा था कि वह नोएडा आकर दशकों से चले आ रहे मिथक और अंधविश्वास को तोड़ेंगे।

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