जानिए कब है मकर सक्रांति और क्या है मान्यता और पूजा विधि

0
232

Faridabad/Alive News : हिन्दू मान्यताओं के अनुसार सूर्य उपासना का सबसे बड़ा त्यौहार मकर सक्रांति का त्यौहार हर वर्ष की भांति इस बार भी 15 जनवरी को पड़ रहा है। मकर संक्रांति के दिन सूर्य दक्षिणायन से उत्तरायण में प्रवेश करता है। परम्पराओं के अनुसार इस दिन सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है।

क्यों मनाई जाती है मकर सक्रांति
आचार्य संतोष जी महाराज के अनुसार भारतीय संस्कृति में सूर्य सभी ग्रहों का राजा होता है। वैसे तो सभी महीनो की सक्रांति को शुभ माना जाता है। परन्तु मकर सक्रांति का अपना अलग ही महत्त्व है। मकर सक्रांति के दिन दान- पुण्य का विशेष महत्व है।

कैसे मनाई जाती है मकर सक्रांति
मकर सक्रांति पर स्नान का विशेष महत्व है। इस दिन गंगा या अन्य नदी में स्नान करना चाहिए। त्रिवेणी संगम में स्नान बहुत ही शुभ और फलकारी माना जाता है। स्नान के बाद दान का प्रावधान है। तिल, अन्न, वस्त्र आदि का दान बहुत ही शुभ कहलाता है।

कब है शुभ मुहूर्त
आचार्य संतोष जी महाराज के अनुसार इस बार मकर संक्राति का मुहूर्त का समय 14 जनवरी से 15 जनवरी तक है।

सक्रांति का स्नान 14 जनवरी दोपहर 2:07 से प्रारम्भ होकर अगले दिन 15 जनवरी शाम 5 बजकर 46 मिनट तक है

परन्तु शुभ मुहूर्त 15 जनवरी सुबह 7 बजकर 15 मिनट से शाम 5 बजकर 46 मिनट तक है।

Print Friendly, PDF & Email