महाविद्यालय में दिया जा रहा है सुविधाओं के नाम पर झांसा

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Faridabad/Alive News: महाविद्यालय में एडमिशन चल रहें हैं. महाविद्यालय प्रचार के हर माध्यम से यह दावा कर रहा है की कॉलेज हर वो सुविधा दे रहा है जो विद्यार्थियों के लिए ज़रूरी है. लेकिन जीरो ग्राउंड पर रिपोर्ट कुछ और ही है. हमारे संवाददाता ने जब कॉलेज का मुआयना किया, वास्तविकता कुछ और ही निकली।

क्या है नेहरू कॉलेज का सच?
पुराने विद्यार्थियों के अनुसार बच्चो के पास पढाई के लिए उचित क्लासरूम नहीं हैं, इस भयानक गर्मी में भी वे धूप में बैठकर पढ़ने को मजबूर हैं. कोर्सेज के लिए कहने को तो लैबोरेट्रीज हैं किन्तु उनमे प्रॉपर इक्विपमेंट्स और प्रैक्टिकल मैटेरियल्स नहीं है. नेहरू कॉलेज की वेबसाइट के हिसाब से कॉलेज में वेल इक्विपेड लैबोरेट्रीज, लाइब्रेरी एवं जिम के होने का जिक्र किया गया है लेकिन उन जिम्स में लगी मशीनें कुछ ऐसी लगीं हैं जैसे उनका सालों से उपयोग न हुआ हो. लगाने के लिए इस विद्यालय में 130 लीटर प्रति घंटे से प्रॉपर आर रो वाटर लगा है लेकिन संवाददाता की जांच के मुताबिक लगे हुए वाटर कूलर्स में वह बोरवेल का पानी आता है. हमारे सूत्रों के मुताबिक वहाँ सभी इक्विपमेंट्स नहीं हैं.

क्या कहना है कॉलेज के फिजिकल एजुकेशन प्रोफेसर का ?
कॉलेज में आने वाले सरकारी फंड्स की कमी कारण अभी तक क्लास्सरूम्स नहीं बनाए गए थे और बच्चों को खुले आसमान के नीचे पढ़ाया जा रहा था. सरकार द्वारा कॉलेज की बिल्डिंग को कंडम घोषित कर देने के बाद कॉलेज में नयी बिल्डिंग बनने का काम अभी चल रहा है और कुछ वक़्त बाद बिल्डिंग बनकर खडी हो जाएगी. उनका कहना था की बच्चो के लिए हमने सभी प्रकार के रिक्वायर्ड इक्विपमेंट्स लैब में रखे हुए हैं। कहा गया था कि अक्सर जिम में विद्यार्थीयों को लेके जाता है.

-विमल गौतम, प्रोफेसर फिजिकल एजुकेशन, नेहरू कॉलेज।

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